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राजस्थान: ग्रीष्मकाल से पहल पेयजल आपूर्ति की तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक आयोजित
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संक्षेप
राजस्थान: जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित
विस्तार
राजस्थान: जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, जल सेवा आंकलन, हर घर जल लक्ष्य एवं आगामी ग्रीष्मकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुये जिला कलक्टर ने खराब ट्यूबवेल, जल टंकियों की लीकेज, पम्पसैट आदि की जांच के लिये सर्वे कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल में आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व में ही पूर्ण रखी जायें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शेष पाईपलाईन कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा मोटर पम्पों की मरम्मत के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पम्पसैटों को पुनः संचालित करने हेतु ग्राम पंचायत एवं विधायक निधि का उपयोग करने की बात कही। बैठक में हर घर जल प्रमाण पत्र, राजकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल उपलब्धता, नल जल मित्रों की स्थिति, लंबित परियोजनाओं एवं निविदा प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कलक्टर ने जल सेवा आंकलन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया कि पीएचईडी विभाग अपने विकास कार्यों एवं विभागीय परियोजनाओं के लिये भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों में संबंधित उपखंड अधिकारियों एवं विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र फॉलोअप करें, ताकि परियोजनायें समय पर प्रारम्भ हो सकें। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पाईपलाईन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढ़ंग से दुरुस्त कराने के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने कहा कि आमजन को शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु सर्वे कर सुनिश्चित करें कि पेयजल सप्लाई की पाईप लाईन सीवरेज, नाले एवं जल भराव वाले गंदे स्थानों से होकर नहीं गुजरे, जिससे की लीकेज होने पर पेयजल दूषित हो जायें, आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये इसे गंभीरता से लेंवे एवं आवश्यक सुधार वाले स्थानों को चिन्हित कर तुरंत पाईप लाईन बदलने की कार्यवाही करें। साथ ही समर कंटिंजेंसी, सुजलाम आईडी, वॉटर रिचार्ज ढ़ांचा, एफएचटीसी की प्रगति, हर घर जल प्रमाणीकरण पर भी चर्चा की गई। बैठक में पीएचईडी अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव ने विभागीय प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।