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Smuggling Network: श्रीलंका तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 290 किलो गांजा किया जब्त
- Photo by : NCR SAMACHAR
संक्षेप
तमिलनाडु: चेन्नई में पुलिस ने श्रीलंका के लिए कथित तौर पर की जा रही तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामनाथपुरम जिले में करीब 290 किलो गांजा बरामद किया है।
विस्तार
तमिलनाडु: चेन्नई में पुलिस ने श्रीलंका के लिए कथित तौर पर की जा रही तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामनाथपुरम जिले में करीब 290 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तूतीकोरिन जिले में अलग कार्रवाई के दौरान श्रीलंका भेजे जाने की तैयारी में रखी गईं 8 बकरियां, कबूतरों से भरे तीन बक्से और एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली डबल इंजन फाइबर नाव बरामद की गई। वैन से बरामद हुआ 290 किलो गांजा पुलिस के मुताबिक, रामनाथपुरम के उचिपुली इलाके में रामेश्वरम सब-डिविजनल क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि प्रभान वलासई बीच के रास्ते गांजे की खेप श्रीलंका भेजने की तैयारी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सुबह करीब 4 बजे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध वैन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें छिपाकर रखा करीब 290 किलो गांजा बरामद हुआ। दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा मामले में पुलिस ने 24 वर्षीय पी. दिनेश और 22 वर्षीय एस. कलंजीश्वरन को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि बरामद गांजे को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। एक अन्य कार्रवाई में तमिलनाडु पुलिस की विशेष खुफिया शाखा क्यू ब्रांच ने तूतीकोरिन जिले के थेरेसपुरम अन्ना कॉलोनी बीच पर छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां से बकरियों और कबूतरों को कथित तौर पर अवैध तरीके से श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस पहुंची तो मौके से फरार हुए संदिग्ध पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त की रात करीब 9:45 बजे टीम ने देखा कि 8 बकरियों और तीन बक्सों में रखे कबूतरों को एक बिना पंजीकरण वाली डबल इंजन फाइबर नाव पर लादा जा रहा था। पुलिस टीम को देखते ही संदिग्ध लोग मौके से भाग गए और नाव व जानवरों को वहीं छोड़ दिया। पुलिस ने मौके से 8 बकरियां, तीन बक्सों में बंद कबूतर और फाइबर नाव को जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। मामले में फरार संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों घटनाओं का संबंध किसी बड़े सीमा पार तस्करी नेटवर्क से है या नहीं। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन वाली फाइबर नाव के मालिक का भी पता लगाया जा रहा है। दोनों मामलों में पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
