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उत्तर प्रदेश: Kapilesh Foundation के बैनर तले खुर्जा में काव्य गोष्ठी व होली मिलन समारोह आयोजित

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उत्तर प्रदेश  Published by: Jay Prakash Sharma , Date: 03/03/2026 10:23:56 am Share:
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  • 03/03/2026 10:23:56 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: 1 मार्च 2026 को कपिलश फाउंडेशन के बैनर तले कपिलश साहित्यकार समिति खुर्जा शाखा द्वारा एक काव्य गोष्ठी एवं होली मिलन समारोह का नगर के नारायण समाचार पत्रालय में आयोजन किया गया। जिसमें कपिलश साहित्यका

विस्तार

उत्तर प्रदेश: 1 मार्च 2026 को कपिलश फाउंडेशन के बैनर तले कपिलश साहित्यकार समिति खुर्जा शाखा द्वारा एक काव्य गोष्ठी एवं होली मिलन समारोह का नगर के नारायण समाचार पत्रालय में आयोजन किया गया। जिसमें कपिलश साहित्यकार समिति खुर्जा के सभी सदस्यों एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समारोह का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके एवं सरस्वती वंदना करके किया गया। दीप प्रज्वलित राष्ट्रीय कार्यकारिणी महासचिव जयकिशन 'जय',उपाध्यक्ष डॉ साधना अग्रवाल 'साधिका' मुख्य अतिथि श्रीमती कल्पना तिवारी के द्वारा कराया गया। इसके उपरांत महासचिव जयकिशन 'जय'द्वारा मां सरस्वती की वंदना गाकर उनका आवाहन किया गया तदोपरांत कार्यक्रम को गति देते हुए कार्यक्रम संचालिका श्रीमती स्वाति गोयल ने ए०के०पी० डिग्री कॉलेज से आई बच्चियों को मंच पर सर्वप्रथम कविता पाठ करने का अवसर दिया कु०ईरम- दहेज प्रथा पर सुन्दर रचना  कु० गुनगुन शर्मा- चिर से उठी ओस की बूंदों सी कोरी कल्पना 
कु०रिम्शा- हम हैं हिन्दुस्तानी 

कार्यक्रम में  मीडिया प्रभारी का पद कपिलश फाउंडेशन की सांस्कृतिक सचिव पुष्टी अग्रवाल ने बखूबी निभाया। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ साहित्यकार कवि, कवयित्रियां एवं खुर्जा के सुप्रसिद्ध गायक उपस्थित रहे।  तत्पश्चात कपिलश फाउंडेशन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ साधना अग्रवाल साधिका द्वारा 'होली में जला डालो सभी द्वेष और मलाल', तनुजा चौधरी ने 'देखो देखो होली आई', समिति के संरक्षक डॉ विश्वंभर दयाल विद्यासागर द्वारा 'आयो नंद ग्राम से बू रसिया', जय किशन जय द्वारा 'ऋतु बसंत का हुआ आगमन',अभिलाषा रुहेला द्वारा 'तुम आओ तो सही',स्वाति गोयल द्वारा 'काश तुम मिलते नहीं',पुष्टी अग्रवाल द्वारा 'देखो रे देखो ये कैसे' , श्रीमती रेनू तायल द्वारा 'शून्य हूं मैं', वैद्य आशीष जी द्वारा 'हमको नहीं चिंता बिल्कुल मान और सम्मान की' , श्रीमती लक्ष्मी कनोडिया द्वारा 'फागुन'  "रूद्राणी" पूनम शर्मा द्वारा 'दिल की जमीं में प्रेम का बीज बोना चाहती हूं' (ग़ज़ल), निधि वार्ष्णेय द्वारा 'तपती धूप में चलना सिखा दिया'बुद्धपाल सिंह सजग द्वारा 'भारत की नारी' ,शाकुल तायल, सोम शर्मा एवं कपिल तिवारी द्वारा होली गीतों की सराहनीय प्रस्तुति रही। ,कार्यक्रम में उपस्थित सभी रचनाकारों ने सुंदर प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोहा  कार्यक्रम में बुद्धपाल सिंह सजग, अभिलाषा रुहेला, स्वाति गोयल, डॉ साधना अग्रवाल साधिका, डॉ विश्वंभर दयाल विद्यासागर, डॉ सुरेंद्र शर्मा, विपिन सिसोदिया,जय किशन जय, रूद्राणी पूनम शर्मा , रेनू तायल, तनुजा चौधरी, पुष्टि अग्रवाल, लक्ष्मी कनोडिया, आशीष वैद्य जी,शाकुल तायल और सोम शर्मा ,रिम्शा,ईरम, गुनगुन शर्मा,उपस्थित रहें।