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उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई, स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर FIR दर्ज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 11/08/2026 10:47:21 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 11/08/2026 10:47:21 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले में उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले में उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। उप जिलाधिकारी कासिमाबाद के निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर दोनों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि उप जिलाधिकारी कासिमाबाद द्वारा मेसर्स कुशवाहा ब्रदर्स, बरेसर, विकासखंड कासिमाबाद तथा मेसर्स अजय कुशवाहा खाद भंडार, बरेसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक में अंतर पाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गाजीपुर के निर्देश पर दोनों उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। कृषि विभाग की ओर से जिले में उर्वरक की बिक्री और उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और जांच अभियान जारी रहेगा। जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता से अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदकर उसका भंडारण न करें। किसानों को वैज्ञानिक संस्तुतियों के आधार पर ही उर्वरकों का क्रय और उपयोग करने की सलाह दी गई है।

कृषि विभाग के अनुसार जरूरत से अधिक उर्वरकों का इस्तेमाल करने से खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसानों को फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। विभाग ने किसानों को खेती में जैविक और वैकल्पिक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देने की भी सलाह दी है। उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद प्राप्त करने के लिए हरी खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे विकल्पों के उचित उपयोग पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री या स्टॉक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर आगे भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।