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उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद में श्री अन्नपूर्णा मंदिर में भंडारा, मनोज गुप्ता ने श्रद्धालुओं को बांटा प्रसाद

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ajay Saxena , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 11/08/2026 10:41:54 am Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 11/08/2026 10:41:54 am
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उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद में भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद महानगर के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं अधिवक्ता मनोज कुमार गुप्ता ने साहू मोहल्ला स्थित सुप्रसिद्ध श्री अन्नपूर्णा मंदिर में आयोजित भंडारा कार्यक्रम में सहभागिता की। श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम के बाद आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार गुप्ता ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि सनातन संस्कृति में भंडारे की परंपरा केवल भोजन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, सामाजिक समरसता, आत्मीयता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, तो आपसी दूरियां कम होती हैं और प्रेम एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में जरूरतमंदों की सहायता करने और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का अवसर मिलता है। भंडारे जैसे आयोजन सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने लोगों से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने की अपील की। मनोज गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। छोटी-छोटी बातों को लेकर बढ़ती कटुता को संवाद, सेवा और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना पैदा होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। समाज में विभाजन और वैमनस्य पैदा करने वाली गतिविधियों से सतर्क रहते हुए सभी को मिलकर भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने सनातन संस्कृति की सेवा, संरक्षण और उसके सकारात्मक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। भंडारा कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।