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उत्तर प्रदेश: वोट नहीं देने पर आवास सूची से नाम कटवाने का आरोप, ग्राम प्रधान पर राजनीतिक भेदभाव के सवाल
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जिले के सांथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रमवापुर मिश्र में सरकारी आवास योजना को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के कुछ लाभार्थियों ने ग्राम प्रधान पर पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने के कारण आवास योजना की सूची से नाम कटवाने का आरोप लगाया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जिले के सांथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रमवापुर मिश्र में सरकारी आवास योजना को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के कुछ लाभार्थियों ने ग्राम प्रधान पर पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने के कारण आवास योजना की सूची से नाम कटवाने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि पात्र होने के बावजूद उन्हें सरकारी आवास का लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से होने के कारण राजनीतिक भेदभाव किए जाने का आरोप भी लगाया है। लाभार्थियों के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी आवास योजना के माध्यम से पक्की छत मिल सकेगी, लेकिन अब तक आवास का लाभ नहीं मिलने से उन्हें कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ रहा है। उनका कहना है कि परिवार झोपड़ी और टीनशेड के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। बरसात और खराब मौसम के दौरान उन्हें विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। वोट के आधार पर तय होगा आवास का लाभ? पीड़ितों ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना जरूरी है? उनका कहना है कि आवास योजना का लाभ पात्रता और निर्धारित सरकारी नियमों के आधार पर मिलना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक पसंद या चुनाव में वोट देने अथवा नहीं देने के आधार पर। लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने के कारण उनके नाम आवास योजना की सूची से हटवा दिए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में ग्राम प्रधान का पक्ष और संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है। पात्रता और सूची की जांच की मांग मामले को लेकर अब सरकारी आवास योजना की लाभार्थी सूची, पात्रता और नाम हटाए जाने के कारणों की जांच का सवाल उठ रहा है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि लाभार्थियों की पात्रता को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसका निस्तारण भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें ग्राम पंचायत रमवापुर मिश्र के इस मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिकायतों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि लाभार्थियों के नाम आवास सूची में शामिल थे या नहीं, यदि नाम हटाए गए तो उसके पीछे क्या कारण रहे और संबंधित परिवार योजना के लिए पात्र हैं या नहीं। अब देखना होगा कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर शिकायतों की जांच कराता है या नहीं। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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