Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ने और जीपीएस व्यवस्था हटाने की करी मांग

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 16/09/2026 02:51:13 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Chhatra Pal ,
  • Edited By.: Yashoda,
  • Date:
  • 16/09/2026 02:51:13 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने सरकार की ओर से आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने पर आभार जताया। साथ ही मानदेय और जीपीएस आधारित हाजिरी व्यवस्था को लेकर समस्याएं उठाईं।

एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शशिबाला और प्रदेश महासचिव हीरावती ने ज्ञापन में कहा कि सरकार की ओर से 1500 रुपये मूल मानदेय और 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की घोषणा की गई है। संगठन की मांग है कि 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में ही शामिल किया जाए, ताकि इसका भुगतान हर महीने नियमित रूप से हो सके।

प्रोत्साहन राशि के भुगतान में देरी का आरोप

संगठन का कहना है कि पूर्व से मिल रही प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जनपदों में नियमित नहीं हो रहा है। कहीं कई महीनों की राशि लंबित है तो कहीं छह महीने बाद केवल एक-दो महीने का भुगतान किया जाता है। इससे अधिकांश कार्यकर्त्रियों को प्रोत्साहन राशि का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जीपीएस आधारित हाजिरी का विरोध

आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों ने पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से केंद्र खोलने और संचालन की जीपीएस व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण मोबाइल रिचार्ज भी नियमित नहीं हो पाता। इसके अलावा ब्लॉक कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यों के लिए केंद्र से बाहर जाना पड़ता है, जिससे ऐप पर केंद्र खुला होने की स्थिति दर्ज करना मुश्किल हो जाता है।

एसोसिएशन ने मांग की कि 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, पहले से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराया जाए और जीपीएस आधारित हाजिरी व्यवस्था लागू न की जाए।

ज्ञापन 16 सितंबर 2026 को आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, पंजीकरण संख्या 946, की ओर से सौंपा गया। संगठन ने मुख्यमंत्री से आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों की समस्याओं का समाधान कर उनकी मांगें पूरी करने की अपील की।