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उत्तर प्रदेश: कलक्ट्रेट गेट पर चार महिलाओं ने किया आत्मदाह का प्रयास, सुरक्षाकर्मियों ने टाला बड़ा हादसा

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 12/08/2026 05:25:32 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 12/08/2026 05:25:32 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: कैंट क्षेत्र में 200 गज के प्लॉट पर कथित कब्जे और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज एक परिवार की चार महिलाओं ने बुधवार सुबह कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: कैंट क्षेत्र में 200 गज के प्लॉट पर कथित कब्जे और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज एक परिवार की चार महिलाओं ने बुधवार सुबह कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी। महिलाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। गनीमत रही कि कलक्ट्रेट गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें देख लिया और तत्परता दिखाते हुए उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। सुरक्षाकर्मियों की सक्रियता से बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद कलक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा गया है परिवार ने जमीन पर कथित कब्जे के साथ-साथ पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को निर्माण कार्य रुकवाने पहुंची महिलाओं के साथ कथित मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जमीन विवाद, निर्माण कार्य, पुलिसकर्मी की मौजूदगी और मारपीट के आरोपों की जांच शुरू कर दी है करीब दो महीने से प्लॉट पर कब्जे का आरोप

मानपुर चिकटिया निवासी गौरव के मुताबिक, उनके परिवार का कैंट इलाके में करीब 200 गज का प्लॉट है। परिवार का आरोप है कि पड़ोसी राजवीर ने करीब दो महीने से प्लॉट पर कथित रूप से कब्जा कर रखा है। आरोप है कि कब्जे के बाद वहां निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। परिवार लगातार निर्माण का विरोध कर रहा है और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा है गौरव का कहना है कि परिवार के लोग कई बार मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन विवाद का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। परिवार का दावा है कि जमीन के दस्तावेज और कब्जे से जुड़े मामले को लेकर लगातार अधिकारियों को जानकारी दी जाती रही है निर्माण रुकवाने पहुंची महिलाओं से कथित मारपीट का आरोप परिवार के अनुसार, मंगलवार सुबह कुछ महिलाएं प्लॉट पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान कैंट थाने के हल्का प्रभारी दरोगा राकेश के भी मौके पर मौजूद होने का आरोप लगाया गया है। 

महिलाओं ने निर्माण कार्य रोकने की मांग की। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान महिलाओं के साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उन्हें वहां से भगा दिया गया हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिसकर्मी की भूमिका और महिलाओं के साथ कथित मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था डीएम और एसडीएम तक पहुंची शिकायत, फिर भी समाधान नहीं होने का दावा
परिवार का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के अलावा जिलाधिकारी और सदर एसडीएम से भी कई बार शिकायत की। परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो कथित कब्जा हटाया गया और न ही निर्माण कार्य को लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई

परिजनों के मुताबिक, लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने और शिकायतों का समाधान नहीं होने से परिवार की महिलाओं में भारी नाराजगी थी। इसी आक्रोश के चलते बुधवार सुबह चार महिलाएं अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं कलक्ट्रेट गेट पर पेट्रोल छिड़कते ही मचा हड़कंप बुधवार सुबह गौरव की चाची कमलेश, ताई मुन्नी, बहन रोशनी और विमलेश कलक्ट्रेट पहुंचीं। परिवार के लोग जमीन विवाद में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी दौरान महिलाओं ने प्रशासन पर उनकी शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया बताया गया कि अचानक महिलाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। जैसे ही उन्होंने पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर आत्मदाह की कोशिश की, कलक्ट्रेट गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर उन पर पड़ गई। होमगार्ड संदीप शर्मा और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल महिलाओं को काबू में किया और उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली


सुरक्षाकर्मियों की तत्परता के कारण महिलाएं खुद को आग नहीं लगा सकीं और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। कुछ समय के लिए कलक्ट्रेट गेट पर तनाव जैसी स्थिति बनी रही इंटेलिजेंस के दरोगा ने अफसरों को दी सूचना घटना के समय इंटेलिजेंस के दरोगा ओमपाल सिंह भी मौके पर मौजूद बताए गए। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंचाई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और परिवार को उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया इसके बाद कमलेश, मुन्नी, रोशनी और विमलेश को जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उनकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। प्रशासन की ओर से पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया हैजमीन विवाद से लेकर पुलिस की भूमिका तक होगी जांच मामले में अब प्रशासन के सामने कई सवाल हैं। 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस 200 गज के प्लॉट को लेकर परिवार करीब दो महीने से कब्जे की शिकायत कर रहा था, उस पर अब तक विवाद का समाधान क्यों नहीं हो सका। इसके साथ ही निर्माण कार्य को लेकर की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई और मंगलवार को मौके पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी में क्या हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है महिलाओं द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना ने शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट रूप से पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही है जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी प्रशासन अब जमीन पर कथित कब्जे, निर्माण कार्य, परिवार की ओर से पूर्व में दी गई शिकायतों, मंगलवार को हुए घटनाक्रम और पुलिस की भूमिका समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। 


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