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उत्तर प्रदेश: कैमूर वन्यजीव प्रभाग को मिली नई डीएफओ, आरुषि मिश्रा को सौंपी गई जिम्मेदारी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 17/06/2026 11:52:13 am Share:
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  • Published by.: Suraj Maurya ,
  • Edited By.: Yashoda,
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  • 17/06/2026 11:52:13 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर वन विभाग में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्नाव की प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आरुषि मिश्रा को कैमूर वन्यजीव प्रभाग, मिर्जापुर का नया दायित्व सौंपा गया है। उनकी नियुक्ति के बाद वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर वन विभाग में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्नाव की प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आरुषि मिश्रा को कैमूर वन्यजीव प्रभाग, मिर्जापुर का नया दायित्व सौंपा गया है। उनकी नियुक्ति के बाद वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वन विभाग के इस प्रशासनिक निर्णय को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कैमूर वन्यजीव प्रभाग प्रदेश के प्रमुख वन एवं वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है। यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील होने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। आरुषि मिश्रा को उनकी प्रशासनिक कार्यशैली, प्रबंधन क्षमता और विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के अनुभव के लिए जाना जाता है। इससे पहले वह उन्नाव में प्रभागीय वनाधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। अब नई जिम्मेदारी के तहत उनसे वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और क्षेत्रीय पर्यावरणीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।

गौरतलब है कि आरुषि मिश्रा, जनपद सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौर की धर्मपत्नी हैं। हालांकि उनकी नियुक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है और इसे वन विभाग के नियमित स्थानांतरण एवं दायित्व निर्धारण का हिस्सा माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों एवं स्थानीय नागरिकों ने शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा हरित विकास के क्षेत्र में नए प्रयास देखने को मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कैमूर वन्यजीव प्रभाग में संरक्षण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक पहल संभव हो सकती है।


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