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उत्तर प्रदेश: सेवा संकल्प अभियान में कम रही आम लोगों की भागीदारी, मातृ वंदना योजना के सिर्फ 4 फॉर्म जमा
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेमरियावां ब्लॉक सभागार में चल रहे सेवा संकल्प अभियान में मंगलवार को आम लोगों की भागीदारी कम दिखाई दी।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेमरियावां ब्लॉक सभागार में चल रहे सेवा संकल्प अभियान में मंगलवार को आम लोगों की भागीदारी कम दिखाई दी। कार्यक्रम में बाल विकास विभाग की सीडीपीओ और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करने का उद्देश्य है। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी सरोज यादव, सुमन शुक्ला, मुख्य सेविका प्रभावती देवी, बीना कुमारी, गुन्जन, दिव्या, मीनाक्षी, मनोरमा, संगीता, मंजू देवी, सीमा, नीलम और गीता समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। मातृ वंदना योजना के सिर्फ चार फॉर्म जमा स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं हो सकती हैं। ऐसे में यदि जागरूकता कार्यक्रम में केवल चार आवेदन प्राप्त हुए हैं तो विभाग को यह देखना चाहिए कि योजना की जानकारी पात्र महिलाओं तक किस स्तर तक पहुंच रही है। हालांकि, केवल चार फॉर्म जमा होने के आधार पर पूरे अभियान को खानापूर्ति कहना उचित नहीं होगा। इसके लिए यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि कार्यक्रम में कितनी महिलाओं को आमंत्रित किया गया था, कितने लोगों को योजना की जानकारी दी गई और विभाग के स्तर पर कितने आवेदन पहले से प्राप्त हो चुके हैं। पहले बच्चे पर पांच हजार और दूसरी संतान बालिका होने पर छह हजार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पहले बच्चे के लिए पात्र महिला को निर्धारित प्रक्रिया और शर्तें पूरी करने पर दो किश्तों में कुल पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, दूसरे जीवित बच्चे के रूप में बालिका होने पर पात्र महिला को छह हजार रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता की निर्धारित शर्तें पूरी करना और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना जरूरी है। पात्र महिलाओं तक पहुंचाने की जरूरत ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए केवल कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार और घर-घर जानकारी पहुंचाने की जरूरत है। इससे पात्र महिलाओं को योजना की जानकारी मिलने के साथ आवेदन की प्रक्रिया भी समझने में आसानी होगी। विभागीय स्तर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि सेमरियावां ब्लॉक में कुल कितनी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है और अभियान के दौरान केवल चार आवेदन ही क्यों प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के तहत पात्र महिलाओं के आवेदन कराने पर भी जोर दिया गया। हालांकि, कार्यक्रम में महज चार फॉर्म जमा होने की बात सामने आई है। इसे लेकर अभियान के प्रचार-प्रसार और पात्र महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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