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उत्तर प्रदेश: रसोइयों को मिली बड़ी सौगात, ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 24/08/2026 04:03:09 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 24/08/2026 04:03:09 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत मिड-डे मील रसोइयों के लिए चार बड़ी घोषणाएं की हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत मिड-डे मील रसोइयों के लिए चार बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने रसोइयों का मासिक मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने का फैसला किया है। इसके अलावा रसोइयों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, ड्रेस या साड़ी के लिए बढ़ी हुई वार्षिक राशि और दुर्घटना की स्थिति में सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। सरकार की इन घोषणाओं से प्रदेश की 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों को लाभ मिलने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन सौगातों की घोषणा की। इसके तहत रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 की मासिक बढ़ोतरी की गई है। वहीं ड्रेस या साड़ी के लिए मिलने वाली वार्षिक राशि को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान भी किया गया है। कार्यक्रम में रसोइयों को मानदेय वृद्धि, चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक चेक, चिकित्सा कार्ड और ड्रेस किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की रसोइया बहनें 1 करोड़ 46 लाख से अधिक बच्चों के लिए निर्धारित मीनू के अनुसार स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार करती हैं। बच्चों के शारीरिक विकास के साथ स्वस्थ मस्तिष्क के निर्माण में भी पौष्टिक भोजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कोरोना काल के दौरान रसोइयों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की और कहा कि सरकार उनके हितों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जा रहा है। कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार और निपुण भारत अभियान के माध्यम से स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है।

संतकबीरनगर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, विधायक खलीलाबाद प्रतिनिधि मुरलीधर जायसवाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और रसोइयां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में रसोइयों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड और शॉल/अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सबसे बुजुर्ग और सबसे कम उम्र की रसोइया को विशेष रूप से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि सरकार की नई घोषणाओं से संतकबीरनगर की 3,189 रसोइयों को लाभ मिलेगा। उन्होंने रसोइयों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन तैयार करने, रसोईघर को साफ रखने और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।