Contact for Advertisement 9650503773


ओडिशा: शिक्षकों-कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी, 15 हजार से अधिक कर्मचारी आंदोलन में

- Photo by : social media

ओडिशा  Published by: Laxminarayan Pathi , ओडिशा  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/08/2026 11:50:53 am Share:
  • ओडिशा
  • Published by.: Laxminarayan Pathi ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 24/08/2026 11:50:53 am
Share:

संक्षेप

ओडिशा: राज्य की राजधानी भुवनेश्वर स्थित गांधीमार्ग पर ओडिशा राज्य स्कुल कालेज शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति की सामुहिक हडताल 16 अगस्त से शुरु होकर आज नौवां दिन हुआ । 

विस्तार

ओडिशा: राज्य की राजधानी भुवनेश्वर स्थित गांधीमार्ग पर ओडिशा राज्य स्कुल कालेज शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति की सामुहिक हडताल 16 अगस्त से शुरु होकर आज नौवां दिन हुआ । कडी धुप और कभी कभार की बारीश में राज्य की  हजारों शिक्षक व कर्मचारी राजमार्ग पर वैठे रहे हैं । इससे राज्यभर वहुत स्कुल और कालेज की शिक्षण में रुकावट पैदा हुआ है इस हडताल में ओडिशा माध्यमिक स्कूल शिक्षक संघ,निखिल उत्कल निम्न माध्यमिक शिक्षक संघ,निखिल उत्कल संस्कृत महासंघ,निखिल उत्कल मद्रासा शिक्षक संघ,सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारी संघ,662 वर्ग कर्मचारी संघ,488 वर्ग कर्मचारी संघ,194 सहायता रहित शिक्षक संघ और नये सहायता प्राप्त शिक्षक संघ की करीब पंद्रह हजार शिक्षक व कर्मचारी भाग लिए हैं । सरकार के आगे वार वार अपनी मांग   पेश किए परंतु आज तक उनके मांग पुरी न होने से स्कुल कालेज शिक्षक कर्मचारी संघ मजवुर होकर हडताल को अपनाया है यह वात संघ की ओर से सुरेश चंद्र दाश ने वताया है। 

उन्होने यह भी वताया कि 2015 की सरकारी अनुदान से वंचित 194 विद्यालयों को अनुदानित करना एक प्रमुख मांग रहा है । साथ ही उन्होने यह भी कहा कि उन 194 स्कूलों की छात्र छात्रा सरकारी सुविधा से वंचित हैं जो कि उनके प्रति सरासर अन्याय है । उन्हे युनिफर्म पोशाक,जूते, साइकिल और अन्य सरकारी सुविधा मिलता नहीं । राज्य भर जितने भी हाइस्कुल हैं वंहापर छात्र छात्रा मुख्यमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत मध्याह्न भोजन का आनंद लेते हैं जव की 194 स्कुल की छात्र छात्राओं को पोषण कार्यक्रम में सामिल नहीं किया गया ।  समन्वय समिति की और भी मागें है । समिति की कहनेनुसार शिक्षक कर्मचारी संघ की मांग पर विचार करने के लिए  सरकारी स्तर में इससे पहले विभिन्न समिति वनाया गया । समिति अपनी सुझाव देने के बावजूद भी सरकार मांग पर कुछ विचार करते नहीं उल्टा कालक्षेप नीति अपनाये हुए है । अगर सरकार इस नीति पर अडिग रहे तो समन्वय समिति की हडताल आगे और तेज होगा यह समिति की ओर से  वताया गया है।