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उत्तर प्रदेश: रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत पर बड़ा खुलासा, पति ने कहा- भगदड़ से नहीं हुई मौत

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 01/09/2026 11:31:08 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 01/09/2026 11:31:08 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली में महापौर डॉ. उमेश गौतम के रक्षाबंधन कार्यक्रम के बाद एक महिला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई भगदड़ की खबर पर अब मृतका के पति ने सफाई दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली में महापौर डॉ. उमेश गौतम के रक्षाबंधन कार्यक्रम के बाद एक महिला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई भगदड़ की खबर पर अब मृतका के पति ने सफाई दी है। मृतका की पहचान मधु के रूप में हुई है। उनके पति भगवान सिंह फौजी ने बताया कि उनकी पत्नी कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षित बाहर निकल गई थीं। घर लौटते समय रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, मधु की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल मिशन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पति भगवान सिंह फौजी का कहना है कि उनकी पत्नी पहले से बीमार रहती थीं और उनकी मौत कार्यक्रम में किसी भगदड़, दबने या हादसे के कारण नहीं हुई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी भगदड़ की खबर

महिला की मौत के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें तेजी से प्रसारित हुईं कि रक्षाबंधन कार्यक्रम में भगदड़ मचने के दौरान महिला दब गई और उसकी मौत हो गई। इससे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। हालांकि, अब मृतका के पति के बयान के बाद वायरल दावों की सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि कार्यक्रम में बड़ी भगदड़ हुई थी तो उसका स्पष्ट वीडियो या फोटो सामने क्यों नहीं आया। हालांकि किसी घटना की मौजूदगी या अनुपस्थिति का निष्कर्ष केवल सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर निकालना उचित नहीं है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकती है।

परिवार ने अफवाहों से बचने की अपील की

मधु के परिवार ने लोगों से अपील की है कि महिला की मौत जैसे संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के किसी भी तरह की पोस्ट या संदेश को सोशल मीडिया पर साझा न करें। परिवार का कहना है कि गलत जानकारी से पहले से दुखी परिजनों की परेशानी और बढ़ती है। घटना को लेकर महापौर डॉ. उमेश गौतम की भूमिका और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर भी सोशल मीडिया में चर्चाएं हुईं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक या व्यक्तिगत कारणों से प्रचारित किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मृतका के पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मधु कार्यक्रम से सुरक्षित निकली थीं और बाद में रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई। ऐसे में महिला की मौत को लेकर अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय रिकॉर्ड, जांच और अन्य ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना उचित होगा।

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