Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी हुई तेज, नाम छूटा तो योजनाओं में प्रभावित हो सकता है लाभ

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar (UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 17/09/2026 11:05:04 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Anand Kumar (UP) ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 17/09/2026 11:05:04 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। 16 से 30 नवंबर 2026 तक लोग घर बैठे स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जनगणना के दौरान परिवार के सभी सदस्यों का नाम जरूर दर्ज कराएं। अधिकारियों के मुताबिक, किसी व्यक्ति का नाम छूटने से सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में उसकी हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। इसी को लेकर मंगलवार को लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। निदेशक एवं प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, जनगणना का मुख्य उद्देश्य किसी भी घर या व्यक्ति की गणना छूटने से रोकना और दोहरी गणना की संभावना को खत्म करना है।

स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार को एक आईडी दी जाएगी। प्रगणक के घर पहुंचने पर परिवार को यह आईडी दिखानी होगी। वहीं, जो परिवार ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, उनका विवरण प्रगणक मौके पर ही दर्ज करेंगे। जनगणना के लिए 5 जनवरी 2027 की मध्य रात्रि को संदर्भ समय माना जाएगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण राउंड चलेगा, जिसमें जन्म और मृत्यु से जुड़ी जानकारी को अपडेट किया जा सकेगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ वर्गों के लोगों के नाम छूटने की संभावना ज्यादा रहती है। इनमें किराएदार, प्रवासी मजदूर, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक, छात्रावासों में रहने वाले छात्र, झुग्गी-बस्तियों के परिवार, नवविवाहित महिलाएं और हाल में जन्मे बच्चे शामिल हैं। ऐसे में परिवारों को खासतौर पर नवजात बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग सदस्यों का नाम जरूर जांच लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश में जनगणना के लिए कुल 4 लाख 78 हजार 783 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके लिए करीब 5 लाख 63 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। वहीं, 305 मास्टर ट्रेनर करीब 7 हजार 500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से जनगणना के दौरान सही और पूरी जानकारी देने की अपील की है। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें और जनगणना के लिए आने वाले अधिकृत कर्मचारियों की पहचान सुनिश्चित करें।