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उत्तर प्रदेश: जनगणना महारजिस्ट्रार रिपोर्ट में खुलासा: भारत में मौत का सबसे बड़ा कारण बना हृदय रोग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 01/06/2026 01:32:47 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: भारत में बदलती जीवन शैली, तनाव, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है. जनगणना महारजिस्ट्रार की भारत में मृत्यु के कारण वर्ष 2022-24 रिपोर्ट में खुलासा हुआ है

विस्तार

उत्तर प्रदेश: भारत में बदलती जीवन शैली, तनाव, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है. जनगणना महारजिस्ट्रार की भारत में मृत्यु के कारण वर्ष 2022-24 रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश में सबसे ज्यादा 32.1 फ़ीसदी मौतें हृदय रोगों के कारण हो रही है. यानी हर तीन व्यक्ति में से एक व्यक्ति की मौत दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से हो रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते रोकथाम और जागरूकता पर काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में यह संकट और बड़ा हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, हृदय रोग देश में मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुका है. उत्तर भारत में दिल की बीमारी से मौत का आंकड़ा 35.1 फ़ीसदी तक पहुंच गया है, जबकि मध्य भारत में यह 24.1 फ़ीसदी है. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार तनाव, धूम्रपान, शराब, जंक फूड, मोटापा और व्यायाम की कमी इसके बड़े कारण हैं.कम उम्र में भी लोगों में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है, 

जिसका सीधा असर दिल पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक शहरों के साथ अब गांवों में भी हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं. रिपोर्ट में हृदय रोग के बाद कई अन्य बीमारियों को भी मौत का बड़ा कारण बताया गया है.श्वसन रोगों से 6 फ़ीसदी, पाचन तंत्र रोगों से 5.9 फ़ीसदी और श्वसन संक्रमण से 5.7 फ़ीसदी मौतें हो रही हैं. मधुमेह या डायबिटीज से होने वाली मौतें भी तेजी से बढ़ रही हैं. दक्षिण भारत में डायबिटीज से मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा 4.8 फ़ीसदी दर्ज किया गया है. वहीं अज्ञात बुखार, चोट और जनन- मूत्र संबंधी रोग भी बड़ी वजह बन रहे हैं. रिपोर्ट में तपेदिक यानी टीबी को गंभीर खतरा बताया गया है, जिससे कल 2.6 फ़ीसदी मौतें हो रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में धूम्रपान, शराब और तनाव ज्यादा होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.वहीं महिलाओं में स्वास्थ्य जांच को लेकर लापरवाही भी चिंता का विषय बनी हुई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम उम्र में होने वाली मौतों में कमी आई है और अब लोग पहले की तुलना में ज्यादा उम्र तक जीवित रह रहे हैं. इसका कारण बेहतर इलाज, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार माना गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। 

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