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उत्तर प्रदेश: धुआं रहित लकड़ी चूल्हा बना आकर्षण, कम लकड़ी में ज्यादा गर्मी देने वाले चूल्हे की बढ़ी मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pawan Tiwari , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 12/06/2026 01:00:22 pm Share:
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  • Published by.: Pawan Tiwari ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
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  • 12/06/2026 01:00:22 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के करमैनी गांव के रहने वाले मार्कण्डेय सिंह का बनाया गया धुआं रहित लकड़ी चूल्हा इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के करमैनी गांव के रहने वाले मार्कण्डेय सिंह का बनाया गया धुआं रहित लकड़ी चूल्हा इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कम लकड़ी में ज्यादा गर्मी पैदा करने और लगभग बिना धुएं के भोजन पकाने की इसकी खासियत के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी उपयोगिता से प्रभावित होकर तमकुहीराज की उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने भी एक चूल्हा खरीद लिया। मार्कण्डेय सिंह ने बताया कि उन्होंने ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस चूल्हे को तैयार किया है। स्टील से बने इस चूल्हे में नीचे की तरफ एक छोटा पंखा और रिचार्जेबल बैटरी लगाई गई है। पंखा लगातार हवा पहुंचाता है, जिससे लकड़ी को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहती है और वह पूरी तरह जलती है। इसके चलते धुआं बेहद कम निकलता है और ईंधन की खपत भी घट जाती है। उनका दावा है कि एक बार बैटरी चार्ज करने पर चूल्हा करीब तीन दिन तक चल सकता है।

सिर्फ एक किलो लकड़ी में बन जाता है कई लोगों का भोजन

वहीं, केवल एक किलो लकड़ी से करीब 10 लोगों के लिए दिन में दो बार भोजन तैयार किया जा सकता है। अधिक तापमान मिलने के कारण खाना भी सामान्य चूल्हों की तुलना में कम समय में पक जाता है। तमकुहीराज तहसील परिसर में आयोजित एक प्रदर्शनी के दौरान SDM आकांक्षा मिश्रा ने चूल्हे का परीक्षण किया। इसकी कार्यप्रणाली और उपयोगिता को देखकर उन्होंने मौके पर ही एक चूल्हा खरीद लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों में भी इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई और कई लोगों ने चूल्हा खरीदने में रुचि दिखाई।