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उत्तर प्रदेश: सावन के आखिरी सोमवार पर हर-हर महादेव से गूंजा सोनांचल, 50 हजार भक्तों ने किए दर्शन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/08/2026 05:10:47 pm Share:
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  • Published by.: Anand Kumar(UP) ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 24/08/2026 05:10:47 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  श्रावण मास के आखिरी सोमवार को गुप्तकाशी के शिवद्वार में विराजमान उमामहेश्वर सहित सोनभद्र जिले के अन्य सुप्रसिद्ध शिवालियों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  श्रावण मास के आखिरी सोमवार को गुप्तकाशी के शिवद्वार में विराजमान उमामहेश्वर सहित सोनभद्र जिले के अन्य सुप्रसिद्ध शिवालियों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं व कांवरियों का तांता भोर की पहली किरण के साथ ही लगा रहा.बोल बम, बोल बम के जयकारे से समूचा सोननांचल गुंजायमान हो उठा. मंदिरों में भोर में मंगल आरती के साथ कपाट खोल दिया गया. पूरे दिन शिवालियों में दर्शन- पूजन एवं जलाभिषेक का क्रम चलता रहा. सोमवार होने के चलते मंदिरों अनुष्ठान भी होते रहे. जिला मुख्यालय रावर्टसगंज के सिविल लाइन स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, नगर से सटे बरैला शिव मंदिर एवं रौप पहाड़ी स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में सुबह से ही दर्शन- पूजन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंची. मन्नत के अनुसार कई जगहों पर अपने-अपने घरों में भक्तगण कथा सुने तथा रुद्राभिषेक कराए. कई जगहों पर धार्मिक झांकियां भी भक्तों द्वारा निकाली गई. वहीं घोरावल ब्लॉक के शिवद्वार स्थित उमामहेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को दर्शन- पूजन व जलाभिषेक के लिए कांवरियों के साथ आम दर्शनार्थियों की भीड़ भोर से ही लाइन में लग गई थी. कांवड़ यात्रा में युवाओं और महिलाओं के साथ बच्चों व बुजुर्गों का उत्साह भी देखने को मिला। 

करीब 6 साल के बच्चों से लेकर 70 वर्ष तक के बुजुर्ग कांवड़ लेकर शिवद्वार की ओर जाते नजर आए.आखिरी सोमवार को धाम में करीब 50 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन पूजन किया. करीब 5000 डाक बम कांवरियों ने जलाभिषेक किया. मुख्य पुजारी सुरेश गिरी, शिवराज गिरी, अजय गिरी, सतीश गिरी व अन्य पुजारियों के द्वारा भगवान भोले शिवशंकर व माता पार्वती की मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुल गए और सबसे पहले डाक बम के आने आने के साथ जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ. बभनी के श्री हरिशंकर मंदिर असनहर,बुढ़वा मंदिर चीकूटोला, शिवमंदिर मे दर्शन- पूजन के लिए भक्तों का ताँता लगा रहा. सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी में सुबह से ही रुद्राभिषेक होना शुरू हुआ जो दोपहर तक चला. चोपन में सोननदी से जल भरकर कांवरियों ने मां वैष्णो मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.सावन के अंतिम सोमवार को दुद्धी में स्थित कैलाश कुंज, हीरेश्वर शिवमंदिर, कनहेश्वर शिव मंदिर में भक्तों ने रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया. सुरक्षा की दृष्टि से जनपद के अलग-अलग प्रमुख मंदिरों में पुलिस क्षेत्राधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों, चौकी प्रभारियों,थानों की पुलिस, पीएससी बल,यातायात पुलिस तथा महिला पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जुटी रही।