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उत्तर प्रदेश: चोरी की ट्रॉली बस्ती ले जाते तीन आरोपी गिरफ्तार, दो ट्रैक्टर बरामद
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: दुधारा थाना क्षेत्र के गंगौली गांव से चोरी की गई चार पहिया कृषि ट्रॉली को बेचने के लिए बस्ती ले जा रहे तीन आरोपी जिले की सीमा पार करने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दुधारा पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने जातेगड़हा-दुबौलिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश: दुधारा थाना क्षेत्र के गंगौली गांव से चोरी की गई चार पहिया कृषि ट्रॉली को बेचने के लिए बस्ती ले जा रहे तीन आरोपी जिले की सीमा पार करने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दुधारा पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने जातेगड़हा-दुबौलिया नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की ट्रॉली के साथ उसे ले जाने में इस्तेमाल किए जा रहे दो ट्रैक्टर भी बरामद किए हैं। कार्रवाई से चोरी की संपत्ति को दूसरे जिले में ले जाकर बेचने की कोशिश नाकाम हो गई। मामला गंगौली गांव का है। देवरिया नासिर निवासी अबरार पुत्र अमानुल्लाह ने पांच अक्टूबर को दुधारा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि गंगौली में उनकी बिल्डिंग मटेरियल की दुकान है। तीन अक्टूबर की शाम दुकान बंद करने के बाद वह घर चले गए थे। उनकी कृषि ट्रॉली सिकंदर शर्मा के घर के सामने खड़ी थी। रात में अज्ञात व्यक्ति ट्रॉली चोरी कर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 403/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। सूचना पर नहर पुलिया पर घेराबंदी पुलिस के अनुसार, सात अक्टूबर को थानाध्यक्ष अमित कुशवाहा पुलिस टीम के साथ रात्रि गश्त, चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गंगौली से चोरी की गई ट्रॉली को तीन लोग ट्रैक्टर से टोचन कर बेचने के लिए बस्ती की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जातेगड़हा-दुबौलिया नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंची। पुलिस ने उसे रोककर जांच की तो चोरी की ट्रॉली बरामद हो गई। ट्रैक्टर पर सवार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पहले गुलररहवा, फिर महदेवा में छिपाई थी ट्रॉली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों ने मिलकर ट्रॉली चोरी करने की योजना बनाई थी। तीन अक्टूबर को चोरी करने के बाद ट्रॉली को पहले गुलररहवा में खड़ा किया गया। इसके बाद उसे ट्रैक्टर से टोचन कर महदेवा में छिपाकर रखा गया था। पुलिस का कहना है कि सात अक्टूबर को तीनों आरोपी ट्रॉली को बेचने के उद्देश्य से ट्रैक्टर से बस्ती ले जा रहे थे। इसी दौरान नहर पुलिया के पास पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम की सक्रियता से मिली सफलता कार्रवाई थानाध्यक्ष अमित कुशवाहा के नेतृत्व में दुधारा पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने की। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक हरिकेश भारती, उपनिरीक्षक राजेश सिंह, उपनिरीक्षक शोभनाथ, हेड कांस्टेबल मोतीलाल यादव, हेड कांस्टेबल विनय यादव, कांस्टेबल रंजन राजभर, कांस्टेबल राजा सिंह और कांस्टेबल दीपक सिंह शामिल रहे। एंटी थेफ्ट टीम में प्रभारी उपनिरीक्षक अभिमन्यु सिंह, हेड कांस्टेबल आदित्य यादव और कांस्टेबल अरुण हलवाई शामिल रहे। चोरी की सूचना पर मुकदमा दर्ज करने के बाद संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने ट्रॉली को दूसरे जिले में ले जाकर बेचने की कोशिश से पहले ही बरामद कर लिया। दुधारा पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम की यह कार्रवाई चोरी की संपत्ति की बरामदगी के साथ आरोपियों तक पहुंचने में प्रभावी रही।
तीनों आरोपी दुधारा क्षेत्र के निवासी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. अनस पुत्र सराफत हुसैन, निवासी ग्राम तिनहरी माफी, थाना दुधारा, अब्दुल वटूद पुत्र अब्दुल्लाह और मुर्गस्सर पुत्र अब्दुल खालिद, दोनों निवासी ग्राम मुड़ागड़हा खुर्द, थाना दुधारा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया। ट्रॉली के साथ दो ट्रैक्टर बरामद बरामदगी में एक चार पहिया कृषि ट्रॉली शामिल है, जिस पर निजी कृषि कार्य के लिए अंकित है। इसके अलावा महिंद्रा नोवो 605 डीआई पीएस और आयशर 333 सुपर डीआई ट्रैक्टर भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
