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झारखण्ड: कड़ी धूप में मजदूर काम करने को मजबूर, छाते के नीचे खड़े रहे साइड इंचार्ज

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झारखण्ड   Published by: Surendra Chaubey , झारखण्ड   Edited By: Yashoda, Date: 17/06/2026 11:49:14 am Share:
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  • Published by.: Surendra Chaubey ,
  • Edited By.: Yashoda,
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  • 17/06/2026 11:49:14 am
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संक्षेप

झारखण्ड: बोकारो एनएचएआई के अंतर्गत संचालित भारतमाला रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में कार्यरत एक निर्माण कंपनी पर मजदूरों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

विस्तार

झारखण्ड: बोकारो एनएचएआई के अंतर्गत संचालित भारतमाला रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में कार्यरत एक निर्माण कंपनी पर मजदूरों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना में कार्यरत दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों से भीषण गर्मी और हीट वेव के दौरान खुले आसमान के नीचे लगातार काम कराया जा रहा है, जबकि पर्यवेक्षण कर रहे कुछ अधिकारी एवं साइड इंचार्ज छाता और अन्य सुविधाओं का उपयोग करते दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है और गर्म हवाओं के कारण लोगों का सामान्य जनजीवन भी प्रभावित है। ऐसे हालात में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लंबे समय तक तेज धूप में कार्य करना पड़ रहा है। मजदूरों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कार्यस्थल पर पर्याप्त छाया, विश्राम और गर्मी से राहत के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। विशेष रूप से हीट वेव जैसी परिस्थितियों में कार्यस्थल पर पीने के पानी, विश्राम अंतराल, प्राथमिक चिकित्सा और धूप से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। आरोपों के अनुसार, कार्यस्थल पर मौजूद कुछ साइड इंचार्ज स्वयं धूप से बचने के लिए छाते का उपयोग करते रहे, जबकि मजदूर लगातार खुले में कार्य करते रहे। इस स्थिति को लेकर श्रमिकों में असंतोष देखने को मिला। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

श्रमिक हितों से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसियों को मामले की जांच कर श्रमिक सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना चाहिए। श्रम कानूनों और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के अनुसार मजदूरों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है ताकि श्रमिकों के स्वास्थ्य और सम्मान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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