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जम्मू-कश्मीर: जम्मू में स्वच्छ वायु योजना की समीक्षा, बसपा अध्यक्ष दर्शन राणा ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई

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जम्मू-कश्मीर  Published by: Fulchand Malviya , जम्मू-कश्मीर  Edited By: Shikha Pandey, Date: 02/11/2026 03:35:17 pm Share:
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  • Published by.: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 02/11/2026 03:35:17 pm
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संक्षेप

जम्मू-कश्मीर: बहुजन समाज पार्टी जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के अध्यक्ष दर्शन राणा ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 के जम्मू शहर की कार्ययोजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक का स्वागत किया।

विस्तार

जम्मू-कश्मीर: बहुजन समाज पार्टी जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के अध्यक्ष दर्शन राणा ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 के जम्मू शहर की कार्ययोजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक का स्वागत किया। यह बैठक संभागीय आयुक्त जम्मू एवं जिला स्तरीय निगरानी समिति के अध्यक्ष विकास कुंडल की अध्यक्षता में हुई। दर्शन राणा ने कहा कि समीक्षा बैठकों का वास्तविक महत्व तभी है, जब पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और जारी निर्देशों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को निर्देश देना और नई योजनाओं पर चर्चा करना प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन इन बैठकों की सफलता तभी मानी जा सकती है, जब निर्धारित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों और उनकी प्रगति की जानकारी जनता को मिले।

दर्शन राणा ने सवाल उठाया कि पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ, कितने कार्य पूरे किए गए, कितनी धनराशि स्वीकृत हुई और कितनी खर्च की गई। इसके अलावा कितने कार्य अधूरे हैं और उनके लंबित रहने के क्या कारण हैं, इसकी जानकारी संबंधित विभागों की कार्य निष्पादन रिपोर्ट में होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक नई समीक्षा बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्य निष्पादन रिपोर्ट से हो। इसमें परियोजनाओं की स्थिति, स्वीकृत धनराशि, खर्च, धरातल पर हुई प्रगति, निर्धारित समयसीमा और कार्यों में देरी के कारणों का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। उन्होंने इन रिपोर्टों को सार्वजनिक करने की भी मांग की, ताकि आम नागरिक, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि सरकारी कार्यों का मूल्यांकन कर सकें।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जम्मू शहर की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने सड़क एवं फुटपाथ सुधार, शहर का सौंदर्यीकरण, पार्कों और हरित क्षेत्रों का विकास, वृक्षारोपण, धूल प्रदूषण नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, तवी नदी तट विकास, जल निकासी, गंदे पानी के प्रबंधन और मनोरंजन सुविधाओं जैसे विषयों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सीधा संबंध नागरिकों के दैनिक जीवन और पर्यावरण की गुणवत्ता से है। इसलिए योजनाओं को केवल सरकारी प्रस्तुतियों और कागजी प्रस्तावों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनका लाभ वास्तविक रूप से आवासीय क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए।

बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने नगर निगम जम्मू से मांग की कि कार्ययोजना के तहत विकास के लिए चयनित पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की सूची सार्वजनिक की जाए। प्रत्येक पार्क के लिए स्वीकृत धनराशि, वार्डवार बजट, प्रस्तावित वृक्षारोपण, भूदृश्य निर्माण, उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और कार्य पूरा करने की समयसीमा की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पार्क पर्यावरण संरक्षण, बच्चों के मनोरंजन, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इनके विकास और रखरखाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दर्शन राणा ने प्रत्येक समीक्षा बैठक में तीन रिपोर्टों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का सुझाव दिया। पहली रिपोर्ट पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और पूरे किए गए कार्यों का विवरण दे। दूसरी रिपोर्ट वर्तमान प्रगति, विभागवार खर्च, उपलब्धियों और लंबित परियोजनाओं की स्थिति स्पष्ट करे। तीसरी रिपोर्ट आगामी कार्ययोजना हो, जिसमें प्रत्येक कार्य की जिम्मेदारी, बजट, समयसीमा और देरी की स्थिति में जवाबदेही तय हो।

उन्होंने संभागीय आयुक्त द्वारा जनता के सुझाव, सामुदायिक भागीदारी और विभागों के बीच समन्वय पर दिए गए जोर का स्वागत किया। साथ ही कहा कि नागरिकों को अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत करने, विकास कार्यों की प्रगति जानने तथा शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलना चाहिए। अंत में उन्होंने संभागीय आयुक्त जम्मू, नगर निगम और संबंधित विभागों से अपील की कि प्रत्येक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के साथ पिछली बैठक की कार्य निष्पादन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और उसे सार्वजनिक करने की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा जनता के कल्याण के लिए होता है और उसके उपयोग में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। विकास का मूल्यांकन केवल भविष्य की योजनाओं से नहीं, बल्कि पूरे हुए कार्यों, धन के उचित उपयोग और नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक सुधार के आधार पर होना चाहिए। पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्य ही सुशासन की वास्तविक पहचान हैं।