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मध्य प्रदेश: 0.110 हेक्टेयर जमीन को 0.405 बताकर तीन बार बेचा, पटवारी और ऑपरेटर की साठगांठ पर EOW जांच की मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: जमीन के रकबे में हेरफेर का आरोप, 0.110 हेक्टेयर को 0.405 बताकर तीन बार बिक्री की शिकायत आवेदक ने ईओडब्ल्यू जांच और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण की मांग की खसरा 73/3 की जमीन को लेकर द
विस्तार
मध्य प्रदेश: जमीन के रकबे में हेरफेर का आरोप, 0.110 हेक्टेयर को 0.405 बताकर तीन बार बिक्री की शिकायत आवेदक ने ईओडब्ल्यू जांच और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण की मांग की खसरा 73/3 की जमीन को लेकर दस्तावेजों में गड़बड़ी का आरोप, पटवारी-कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका की जांच की मांगजनसुनवाई में मौजा बगडोना, टप्पा तहसील सारणी, तहसील घोड़ाडोंगरी स्थित खसरा क्रमांक 73/3 की भूमि में दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन की बार-बार बिक्री किए जाने की शिकायत सामने आई है। हिवरखेड़ निवासी आवेदक राजेश पाल ने 22 सितंबर को कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की सूक्ष्म और गहन जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार खसरा 73/3 का वास्तविक रकबा 0.110 हेक्टेयर है, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेजों में इसे 0.405 हेक्टेयर दर्शाया गया। आरोप है कि वर्ष 2007 से 2023 के बीच तत्कालीन पटवारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की कथित साठगांठ से राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन को अलग-अलग लोगों को तीन बार बेचा गया।
शिकायत में बताया गया है कि 24 अप्रैल 2007 को मूल भू-स्वामी अनिरुद्ध पिता गोरेलाल सनोटिया, निवासी सलैया ने खसरा 73/3 को 0.405 हेक्टेयर दर्शाते हुए 1.50 लाख रुपए में सारणी बाबा मठारदेव शिक्षा समिति भोपाल, पदेन अध्यक्ष रमेश गव्हाड़े को बेचने का दस्तावेज तैयार किया। इसकी प्रति रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं मध्यप्रदेश भोपाल के कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने तथा प्रमाणित प्रति आरटीआई से प्राप्त होने का दावा शिकायत में किया गया है।
इसके बाद 31 मार्च 2013 को अनिरुद्ध ने इसी खसरा 73/3 का वास्तविक रकबा 0.110 हेक्टेयर बताते हुए 4 लाख रुपए में संजय दाण्डे पिता धनसिंह दाण्डे, निवासी पाथाखेड़ा को विक्रय-पत्र के माध्यम से बेच दिया। इसकी उप-रजिस्ट्रार बैतूल में रजिस्ट्री क्रमांक 1951 दर्ज होने और 1 नवंबर 2015 को नामांतरण पंजी में संशोधन प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख शिकायत में है। शिकायत के मुताबिक 10 जून 2019 को रमेश गव्हाड़े पिता शिवराम गव्हाड़े, निवासी बरखेड़ी भोपाल और अनिरुद्ध सिनोटिया के बीच 1000 रुपए के स्टाम्प पर इकरारनामा हुआ। इसमें रमेश गव्हाड़े की खसरा 50/65 की 1.574 हेक्टेयर भूमि में से 1 एकड़ यानी 0.405 हेक्टेयर भूमि अनिरुद्ध को देने और बदले में खसरा 73/3 की भूमि लेने का उल्लेख है। इसके बाद वर्ष 2026-27 की खसरा नकल में खसरा 73/3 को दस्तावेज क्रमांक MP039742023A12287286 के जरिए 22 अगस्त 2023 को फिर सारणी बाबा मठारदेव शिक्षा समिति भोपाल को बेचे जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि पूर्व में जमीन किसी को नहीं बेचने के दावे के बावजूद यह भूमि खसरा 73/8 में कैसे दर्ज हुई। राजेश पाल ने मामले में क्रेता-विक्रेता की भूमिका के साथ संबंधित राजस्व कर्मचारियों की भी जांच कराने, प्रकरण आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भोपाल को भेजने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
