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उत्तर प्रदेश: मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉ. शोयब अंसारी ने रखा अपना पक्ष, बोले- न्याय व्यवस्था पर है पूरा विश्वास
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सहारनपुर भाजपा वरिष्ठ नेता एवं महानगर सदस्य डॉ. शोयब अंसारी के खिलाफ न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सहारनपुर भाजपा वरिष्ठ नेता एवं महानगर सदस्य डॉ. शोयब अंसारी के खिलाफ न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह कानून और न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं और उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है। डॉ. शोयब अंसारी ने कहा कि सोनचिड़ा गांव निवासी शाहनवाज मलिक से जुड़े पासपोर्ट मामले में उनके स्तर से पहले पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी कार्रवाई हुई, वह संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों का जवाब भी वह कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से देंगे। मंदिर निर्माण के मुद्दे पर डॉ. शोयब ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि शाहनवाज मलिक अपनी करीब एक बीघा जमीन पर मंदिर निर्माण करा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी की थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई मंदिर निर्माण करा रहा है तो यह खुशी की बात है और धर्म व आस्था के मामलों में सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने से समाज को नुकसान होता है। विकास और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर भी कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास और निर्माण में किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।नागल पुलिस पर लगाए जा रहे कथित 60 हजार रुपये के आरोपों पर भी डॉ. शोयब अंसारी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि नागल पुलिस प्रशासन के प्रति उनका सम्मान है और उनके संज्ञान में पुलिस के नाम पर 60 हजार रुपये लेने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन को किसी भी स्तर पर उनकी आवश्यकता होगी तो वह कानून के दायरे में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। अंत में डॉ. शोयब अंसारी ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने से वह घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्यायालय जाने का अधिकार है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए उन्हें मुकदमे से डरने की आवश्यकता नहीं है और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आने का उन्हें भरोसा है।
