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उत्तर प्रदेश: बरेली में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का हुआ खुलासा, दो आरोपी हुए गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली भमोरा पुलिस ने सरकारी अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके जरिए लोगों से रुपये वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली भमोरा पुलिस ने सरकारी अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके जरिए लोगों से रुपये वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों राजवीर राठौर निवासी चकमहमूद और निकेत भारद्वाज निवासी खन्नू मोहल्ला को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक मंगलवार को संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के दो सदस्य इलाके में घूम रहे हैं और उनके पास हथियार हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम ब्राह्मपुर से पहले बंद पड़े ईंट भट्ठे के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में आरोपियों के पास से दो कथित फर्जी आधार कार्ड, सरकारी अधिकारियों के नाम से तैयार दो फर्जी आदेशों की छायाप्रति, 315 बोर के दो तमंचे और दो जिंदा कारतूस बरामद होने का पुलिस ने दावा किया है। इसके बाद दोनों के खिलाफ भमोरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार राजवीर अपने साथियों पप्पू मौर्य, शिवलाल मौर्य और शशांक वर्मा के साथ मिलकर अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारियों के नाम से फर्जी कागजात तैयार कराता था। पुलिस का दावा है कि कचहरी में कंप्यूटर का काम करने वाले निकेत की भी दस्तावेज तैयार करने में भूमिका थी। इन कागजातों का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित कर उनसे रुपये वसूलने के लिए किया जाता था। मामले में पप्पू मौर्य, शिवलाल मौर्य और शशांक वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने अधिकारियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार राजवीर राठौर के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
