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महाराष्ट्र: कर्मचारियों के कथित दुरुपयोग को लेकर उठे सवाल, निजी काम कराने और पद से अलग ड्यूटी लेने के आरोप
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
महाराष्ट्र: लावा ग्रामपंचायत में कार्यरत कर्मचारियों के कथित रूप से निर्धारित जिम्मेदारियों के बजाय अन्य कार्यों में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
महाराष्ट्र: लावा ग्रामपंचायत में कार्यरत कर्मचारियों के कथित रूप से निर्धारित जिम्मेदारियों के बजाय अन्य कार्यों में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और ग्रामपंचायत से जुड़े कुछ सदस्यों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आरोपों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और ग्रामपंचायत के कामकाज पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्राप्त शिकायत के अनुसार, ग्रामपंचायत की कचरा संकलन गाड़ी पर तैनात एक कर्मचारी से कथित तौर पर ग्रामपंचायत के निर्धारित कार्यों के अलावा सरपंच के निजी या घरेलू काम कराए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्रामपंचायत के वेतन पर नियुक्त कर्मचारी को यदि निजी कार्यों में लगाया गया है, तो इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित कर्मचारी को किस आदेश के तहत ऐसी ड्यूटी दी गई थी। वहीं, एक अन्य कर्मचारी की नियुक्ति और ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी का पद कंडक्टर के रूप में दर्ज है, लेकिन उससे वाहन चालक का कार्य लिया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कर्मचारी की नियुक्ति प्रक्रिया और ड्यूटी व्यवस्था की जांच की मांग की है। दस्तावेजों की जांच की मांग स्थानीय नागरिकों ने ग्रामपंचायत सदस्यों से मांग की है कि इस मामले को आगामी ग्रामपंचायत बैठक में आधिकारिक रूप से उठाया जाए। इसके साथ ही नियुक्ति आदेश, ड्यूटी रजिस्टर, वाहन लॉगबुक, वेतन रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कर्मचारियों से किस प्रकार की ड्यूटी ली जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामपंचायत के कर्मचारी और वाहन सार्वजनिक संसाधन हैं। इनका उपयोग नियमानुसार ग्रामपंचायत के कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित सरपंच और कर्मचारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। ऐसे में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता दस्तावेजों की जांच और निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी
