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उत्तर प्रदेश: रजिस्ट्री कराने के बाद बेघर करने का आरोप, परिवार ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 01/09/2026 03:02:16 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Yashoda,
  • Date:
  • 01/09/2026 03:02:16 pm
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विस्तार

उत्तर प्रदेश: जिले के केराकत तहसील क्षेत्र और चंदवक थाना अंतर्गत पतरहीं ग्राम सभा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां राजेश, दीपक और राजकुमार राजभर के परिवार ने एक महिला पर कथित रूप से ब्लैकमेल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने और इसके बाद उन्हें बेघर करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और फर्जी मुकदमे में फंसाने की चेतावनी भी दी जा रही है। परिवार के मुताबिक, पतरहीं ग्राम सभा में स्थित उनकी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि जिले की ही रहने वाली शीला पत्नी शिवमंगल सिंह द्वारा दबाव बनाकर रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद परिवार के लोगों को उनके घर से हटाने का कथित प्रयास किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि लगातार बारिश के बीच उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

 दरवाजे पर पहुंचकर दबाव बनाने का आरोप

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि संबंधित पक्ष के लोग कथित तौर पर उनके घर के दरवाजे पर पहुंचकर दबंगई करते हैं और मकान खाली करने के लिए दबाव बनाया जाता है। साथ ही उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि इस स्थिति के कारण वे भय और असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

न्यायालय में मामला विचाराधीन

पीड़ित परिवार के अनुसार, विवादित भूमि से संबंधित मामला गाटा संख्या 494 और 497 को लेकर दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार का दावा है कि मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद उन्हें कथित तौर पर जबरन बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है।परिवार ने शासन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा उन्हें सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है। पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि भूमि विवाद और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यदि किसी पक्ष द्वारा कानून हाथ में लेने, धमकी देने या जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।