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मध्य प्रदेश: सरकारी स्कूल की जमीन पर 10 बीघा अवैध कब्जे का आरोप, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं

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मध्य प्रदेश  Published by: Ravi Kumar (MP) , मध्य प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 01/09/2026 02:00:58 pm Share:
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  • Published by.: Ravi Kumar (MP) ,
  • Edited By.: Yashoda,
  • Date:
  • 01/09/2026 02:00:58 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: देवास जिला मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर दूर ग्राम बालोन में सरकारी हाई स्कूल की भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: देवास जिला मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर दूर ग्राम बालोन में सरकारी हाई स्कूल की भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन की बाउंड्री वॉल से लगी करीब 10 बीघा सरकारी जमीन पर एक किसान द्वारा वर्षों से कब्जा कर खेती की जा रही है। शिकायतों के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। जानकारी के अनुसार, बालोन गांव में बेरछा मंडी मार्ग पर मां बालेश्वरी मंदिर (बाला माता तालाब) के पास शासकीय हाई स्कूल स्थित है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक स्कूल की भूमि पटवारी हल्का नंबर-50, सर्वे नंबर-214 में करीब 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी भूमि के एक हिस्से पर ग्राम बालोन निवासी द्वारकाधीश भावसार पिता परमानंद भावसार द्वारा कथित तौर पर कब्जा किया गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, अतिक्रमण वाली जमीन पर लंबे समय से सोयाबीन, गेहूं और चने की फसलें बोई जा रही हैं। इसके कारण स्कूल के विद्यार्थियों के लिए खेलकूद गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल से करीब 10 से 12 गांव जुड़े हुए हैं और इन गांवों के छात्र-छात्राएं यहां अध्ययन करते हैं।

 जंगली जानवरों से विद्यार्थियों को खतरा

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल परिसर से लगी जमीन पर खड़ी फसलों में जंगली जानवर और अन्य जीव-जंतु आ जाते हैं। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी छात्र या अन्य व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।

कई अधिकारियों को दी जा चुकी शिकायत

ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले को लेकर पहले भी पटवारी, राजस्व निरीक्षक, टोंक खुर्द तहसीलदार, एसडीएम और देवास कलेक्टर को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। आगरी, चांदगढ़, बालोन, लसूडिया ब्राह्मण, घरटखेड़ी, भीलखेड़ी, नागपचलाना, मुंडला दांगी, समसखेड़ी और भूतेश्वर किंदुरिया सहित आसपास के ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि की जांच कर अतिक्रमण हटाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री जनसंवाद में उठेगा मामला

समाजसेवी निर्भय सिंह कराड़ा ने बताया कि इस गंभीर जनसमस्या को आगामी 3 सितंबर को ग्राम इकलेरा माताजी में आयोजित मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में उठाया जाएगा। इस दौरान लिखित आवेदन सौंपकर मुख्यमंत्री के समक्ष सरकारी स्कूल की जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित अतिक्रमणकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। मामले में राजस्व विभाग द्वारा भूमि की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।