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उत्तर प्रदेश: थानाध्यक्ष की मौत अब भी रहस्य, सरकारी आवास में पंखे से लटका मिला था शव
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बस्ती के वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्यप्रकाश सिंह की मौत की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बस्ती के वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्यप्रकाश सिंह की मौत की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। शनिवार को उनका शव सरकारी आवास में पंखे से लटका मिला था। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिसके चलते पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर कॉल डिटेल, बातचीत और अन्य जानकारी खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौत की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले सूर्यप्रकाश सिंह किन लोगों के संपर्क में थे और उस दौरान उनकी किसी से बातचीत हुई थी या नहीं। चार महीने पहले सिद्धार्थनगर से आए थे बस्ती सूर्यप्रकाश सिंह करीब चार महीने पहले सिद्धार्थनगर से बस्ती आए थे। इससे पहले वह बस्ती में एसपी के पीआरओ के पद पर भी तैनात रह चुके थे। बाद में उन्हें वाल्टरगंज थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शनिवार को वह अपने साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ शहर आए थे। कटरा पानी टंकी के पास उतरने के बाद उन्होंने सरकारी आवास पर आराम करने की बात कही और साथ आए पुलिसकर्मियों को सिविल लाइन चौकी जाने के लिए कहा। कई घंटे तक उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिसकर्मी जब उनके सरकारी आवास पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया गया, जहां सूर्यप्रकाश सिंह का शव पंखे से लटका मिला। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। परिवार को भी नहीं थी किसी परेशानी की जानकारी घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग बस्ती पहुंचे। उनके बेटे संदीप सिंह ने बताया कि घटना से दो दिन पहले ही वह परिवार के साथ पिता से मिलने आए थे। उस दौरान उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था, जिससे यह महसूस हो कि सूर्यप्रकाश सिंह किसी परेशानी से गुजर रहे हैं या कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। परिवार के अनुसार सूर्यप्रकाश सिंह की तीन संतानें हैं। उनके बड़े बेटे और बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। बताया गया कि सूर्यप्रकाश सिंह अपनी छोटी बेटी से काफी लगाव रखते थे और पढ़ाई तथा परीक्षाओं को लेकर अक्सर उससे बातचीत करते थे। घटना वाले दिन भी उन्होंने अपनी बेटी से फोन पर बात की थी। दोनों के बीच पढ़ाई और परीक्षा को लेकर बातचीत हुई थी। परिवार के मुताबिक उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सूर्यप्रकाश सिंह की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
