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ओडिशा: डेलांग ब्लॉक में सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए चावल की भारी कमी, शिक्षकों और अभिभावकों में नाराजगी

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ओडिशा  Published by: Laxminarayan Pathi , Date: 22/01/2026 01:03:29 pm Share:
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  • 22/01/2026 01:03:29 pm
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संक्षेप

ओडिशा:  प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम में सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्र छात्राओं की पोषण स्थिति को वढाना मुख्य उद्देश्य होते हुए डेलांग व्लक में शिक्षा विभाग

विस्तार

ओडिशा:  प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम में सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्र छात्राओं की पोषण स्थिति को वढाना मुख्य उद्देश्य होते हुए डेलांग व्लक में शिक्षा विभाग इसके प्रति कितनी जागरुक है इसका सवुत कुछ विद्यालयों में चावल की कमी से देखने को मिला है । कँअलपडा प्राथमिक विद्यालय,कृपासिंधु उच्च प्राथमिक विद्यालय, वितिपुर प्राथमिक विद्यालय और कई विद्यालयों में शिक्षक व प्रधान शिक्षक इस समस्या को झेल रहे हैं । उन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पकाने के लिए चावल की कमी हेतु परेशानी का हालत पैदा हुआ । मध्याह्न भोजन एक भी दिन वंद होने से आनुशासिक क्रिया की डर लगा रहता है । इसलिए मजवुर होकर प्रधान शिक्षक बाजार से चावल खरीद कर मध्याह्न भोजन का कार्यक्रम चलाते हैं । चावल की कमी को लेकर निवेदन करने पर भी ब्लक  शिक्षा अधीक्षक कार्यालय समस्या की कोई हल तुरंत नहीं करते हैं । टाल-मटोल कर चावल देने में देर लगाते हैं । इसे लेकर शिक्षकों में काफी असंतोष है । 

और एक घटनाक्रम में 17 जनवरी को डेलांग व्लक शिक्षा अधीक्षक के कार्यालय से पत्रांक 52 में  155 विद्यालयों में चावल वांटने के लिए परिवहन एजेंट को निर्देश दिया गया जव की उसमें सोलह विद्यालय के लिए चावल आवंटन शून्य है ।  शिक्षावर्ष 2024-2025 की जनवरी,फरवरी,मार्च और 2025-2026 शिक्षावर्ष की अप्रैल से लेकर सितंबर तक कुल नौ महिने की 492 क्विंटल 72 किलोग्राम चावल एकसाथ हाल ही दिया जाना विभाग की अनियमितता को समर्थन करता है ।  वालवाटिका में छोटे वच्चों के प्रवेश पिछले अप्रैल से शुरुआत  हुआ है । तव से लेकर वच्चों रोज विद्यालय आते हैं और मध्याह्न भोजन का आनंद उठाते हैं । नौ महिने वितने के वाद इस 17 जनवरी को पहली वार उनके लिए चावल आदेश पारीत करने को कहा गया है । फिर भी इनमें से नौ विद्यालय में वालवाटिका वच्चे होते हुए भी उनके लिए आवंटन कुछ भी नहीं हुआ है । इस तरह की अनियमितता पिछले दो-तीन साल से चल रहा है । चावल के लिए छात्र छात्रा व शिक्षक तरसते रहे परंतु सही वक्त पर चावल तथा राशन आदि की खर्चा देने में विभाग की आनाकानी आदी हुआ है । विभाग की मनमानी रोकने के साथ विद्यालयों को नियमित  चावल आदि देने में सरकार ठोस कार्रवाई करने को अभिभावकों ने मांग किए हैं ।