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 उत्तर प्रदेश: बस्ती में तीन महीने पहले बनी पुलिया टूटी, गेहूं से लदा ट्रक फंसा, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda, Date: 03/11/2026 11:21:17 am Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Yashoda,
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  • 03/11/2026 11:21:17 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बस्ती जिला कृषि विभाग कार्यालय के मुख्य गेट के सामने बनी पुलिया मंगलवार रात अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया से गुजर रहा गेहूं के बीज से लदा ट्रक इसमें फंस गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बस्ती जिला कृषि विभाग कार्यालय के मुख्य गेट के सामने बनी पुलिया मंगलवार रात अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया से गुजर रहा गेहूं के बीज से लदा ट्रक इसमें फंस गया। बताया जा रहा है कि पुलिया का निर्माण करीब तीन महीने पहले लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कराया गया था। इतनी कम अवधि में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे गेहूं के बीज से लदा ट्रक संख्या UP-82 T-6146 कृषि विभाग कार्यालय पर बीज लेकर पहुंचा था। इसी दौरान ट्रक जैसे ही पुलिया से गुजरा, उसका स्लैब टूट गया और पिछला पहिया पुलिया में धंस गया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि घटना रात में हुई, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

 तीन महीने में ही क्षतिग्रस्त हुई पुलिया 

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिया का निर्माण करीब तीन महीने पहले कराया गया था। इतने कम समय में पुलिया का स्लैब टूटने से निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, निर्माण में गुणवत्ता संबंधी किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 निर्माण के समय भी गुणवत्ता पर जताई गई थी आपत्ति

बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने ठेकेदार के सामने गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी का पक्ष सामने आना बाकी है।

 अप्रोच रोड नहीं बनने का भी आरोप 

पुलिया के दोनों ओर अप्रोच रोड नहीं बनाए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि अधूरे निर्माण के बावजूद इस मार्ग पर आवागमन जारी रहा। यदि यह तथ्य सही है, तो यह भी जांच का विषय है कि निर्माण कार्य पूरा होने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना रास्ते को आवागमन के लिए क्यों छोड़ा गया।

 बीज की आपूर्ति पर पड़ सकता है असर 

जिला कृषि विभाग कार्यालय से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गेहूं के बीज की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में कार्यालय के मुख्य गेट के सामने पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बीज से लदे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। यदि आवागमन जल्द सामान्य नहीं हुआ, तो बीज की आपूर्ति में परेशानी हो सकती है। हालांकि, आपूर्ति बाधित होने और किसानों को बीज मिलने में देरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग 

घटना के बाद पुलिया के निर्माण की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की निगरानी और अप्रोच रोड की स्थिति की जांच किए जाने की जरूरत है। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि निर्माण कार्य किस एजेंसी की देखरेख में हुआ और उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले का संज्ञान लेकर जांच कराता है या नहीं। जांच में यदि निर्माण संबंधी अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का सवाल भी उठेगा।


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