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उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में 81 स्थानों पर रावण दहन, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजे रामलीला मैदान
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: न्याय की अन्याय पर, धर्म की अधर्म पर, बुराई पर अच्छाई की, सत्य की असत्य पर और अंधकार पर उजाले की विजय का प्रतीक विजयदशमी का पर्व मंगलवार को पूरे जिले में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: न्याय की अन्याय पर, धर्म की अधर्म पर, बुराई पर अच्छाई की, सत्य की असत्य पर और अंधकार पर उजाले की विजय का प्रतीक विजयदशमी का पर्व मंगलवार को पूरे जिले में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। रामलीला मैदान में देर शाम राम और रावण युद्ध का कलाकारों द्वारा मंचन किया गया। मंचन के बाद रावण का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार मनाया गया। रावण दहन के दौरान विभिन्न जगहों पर आयोजित मेले का लोगों ने जमकर लुत्फ़ उठाया। विजयादशमी के मौके पर मंगलवार को जिला मुख्यालय समेत 81 स्थानों पर रामलीला मंचन के साथ रावण दहन व मेला आयोजित हुआ। विभिन्न जगहों पर कई दिनों से चल रही रामलीला के समापन अवसर पर मंगलवार को जिले के कई स्थानों पर रावण वध किया गया। रावर्टसगंज नगर में स्थित रामलीला मैदान में रावण वध देखने के लिए शाम होते- होते लोगों की भीड़ जमा हो गई। शाम लगभग 5 बजे जब भगवान श्री राम और दशानन के बीच युद्ध शुरू हुआ तो रामलीला मैदान में लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। राम-रावण युद्ध के बीच-बीच में जय श्री राम के जयकारे लगते रहे। इसके बाद श्री राम लंका से भगवान राम ने जैसे ही रावण के नाभिकुंड मे तीर मारा तो रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा।ओबरा के राम मंदिर रामलीला मैदान में बुराई पर अच्छाई का प्रतीक रामलीला मंचन में रावण का पुतला दहन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने जमकर जय श्रीराम का उद्घोष किया। लगभग 10 मिनट तक चले राम-रावण युद्ध में भगवान श्री राम ने रावण की नाभि में अग्निबाण मारकर उसका अंत किया। घोरावल में विजयादशमी का प्राचीन मेला लगा। मेला स्थल पर श्रीराम और रावण में भीषण युद्ध हुआ। श्रीराम ने रावण का वध किया। हर- हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। रामलीला मैदान चोपन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने बुराई के प्रतीक रावण का वध किया। रावण का प्रतीकात्मक पुतला जलते ही श्रीराम के जयकारे से पूरा मैदान भक्तिमय हो गया। यहां के आकर्षण का केंद्र रावण का सिर था जो चारों दिशाओं मे घूम रहा था और उस पर आकर्षक लाइटें लगाई गई थीं। रेलवे रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह, सुरेश जयसवाल और सियाराम तिवारी की देखरेख में रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। करमा रामलीला मैदान में श्री राम ने रावण का वध किया तो आतिशबाजी शुरू हो गई।दर्शक जय श्रीराम-जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। तहसील मुख्यालय दुद्धी सहित आसपास के इलाकों में दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। दोपहर के बाद दूर-दराज के गांव के लोग रामलीला देखने के लिए टाउन क्रिकेट क्लब दुद्धी खेल मैदान पर एकत्रित होने लगे थे। शाम 5 बजे के बाद मां दुर्गा की स्थापित प्रतिमा की झांकी रामलीला मैदान पहुंची। इसके बाद राम रावण का युद्ध शुरू हुआ। सूर्यास्त होने के पूर्व श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। 51 फीट ऊंचा बना पुतला धूँ- धूँ कर जलना शुरू हुआ तो लोग एक- दूसरे के गले मिलकर बधाई देने लगे। लंका विजय के बाद जनपद के कई क्षेत्रों में राम,लक्ष्मण, भरत,शत्रुघ्न हनुमान और सीता की शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा के आगमन पर पुष्प वर्षा की। लोगों ने श्रीराम और सीता के जयकारे लगाए। प्रसाद वितरण किया गया। गौरतलब है कि रामलीला मंचन में लंकाधिराज के वध के बाद जब राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघ्न, हनुमान और सीता अयोध्या लौटते हैं तो जगह-जगह उनका अभिनंदन किया जाता है। दूसरी तरफ नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद जगह-जगह स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन मंगलवार को देर शाम किया गया। विसर्जन के दौरान किसी तरह की समस्या उत्पन्न न होने पाए, इस लिए पुलिस- प्रशासन के लोग डटे रहे। रावर्टसगंज क्षेत्र की प्रतिमाओं को धंधरौल डैम में विसर्जन किया गया। ओबरा क्षेत्र के खैरटिया स्थित बंधे में उसी क्षेत्र की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। दुद्धी क्षेत्र की प्रतिमाएं शिवाजी तालाब में विसर्जित हुईं। इसके पहले भक्तों ने माता रानी की प्रतिमा को नगर में घुमाया। लोगों ने जगह-जगह देवी प्रतिमा को रुकवा कर दर्शन पूजन कर, आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न जगहों पर भव्य आतिशबाजी का आयोजन भी किया गया।इसके अतिरिक्त जिले के कई स्थानों पर आयोजित पारंपरिक मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी करते हुए मेले का आनंद उठाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन सहित भारी संख्या में कमेटी के पदाधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरि और महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता अपनी पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम को संचालित करने में जुटे रहे। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में पुलिस के जवान तथा पीएसी बल तैनात की गई थी।
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