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उत्तर प्रदेश: नोएडा में बेटे की मौत के बाद न्याय की गुहार, कारोबारी ने पुलिस कार्यशैली पर उठाए सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Sanjeev Singh , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 04/06/2026 11:09:49 am Share:
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  • Published by.: Sanjeev Singh ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 04/06/2026 11:09:49 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: नोएडा के कारोबारी विकास कामरा के 22 वर्षीय पुत्र दक्ष कामरा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह असहाय पिता न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहा है।   विकास कामरा का कहना है

विस्तार

उत्तर प्रदेश: नोएडा के कारोबारी विकास कामरा के 22 वर्षीय पुत्र दक्ष कामरा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह असहाय पिता न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहा है।   विकास कामरा का कहना है कि 19 अक्टूबर 2025 की रात उनके पुत्र की मौत एक भीषण सड़क दुर्घटना में हुई। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी समृद्ध गुलाटी खुलेआम घूम रहा है। पिता का आरोप है कि SHO नॉलेज पार्क ने उन्हें धमकाया, डराया और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।   पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (स्नैपचैट वीडियो, मोबाइल डेटा, पेन ड्राइव) सौंपे, जिसमें आरोपी को तेज़ गति से वाहन चलाते हुए देखा जा सकता है। इसके बावजूद SHO और विवेचक द्वारा कार्रवाई नहीं की गई।  

उच्च अधिकारियों का हस्तक्षेप मामला जब उच्च अधिकारियों तक पहुँचा तो SHO नॉलेज पार्क पर दबाव बना और उन्होंने शिकायत दर्ज तो की, लेकिन आरोप है कि इसे इतनी मामूली धाराओं में दर्ज किया गया कि केस कमजोर हो सके और आरोपी को संरक्षण मिलता रहे।   इस मामले को एनसीआर समाचार के पत्रकार SK सिंह ने गंभीर मानवीय मुद्दा बताते हुए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के श्री संजय प्रसाद और वरिष्ठ IAS अधिकारी श्री अवनीश अवस्थी के संज्ञान में लाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकार की छवि खराब करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में कठोर कार्यवाही की जाएगी।  

पिता को इस आश्वासन से उम्मीद की किरण मिली। हालांकि SHO नॉलेज पार्क का व्यवहार फरियादियों के प्रति असंवेदनशील बताया जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर तक शिकायत पहुँच चुकी है, लेकिन SHO को हटाया नहीं गया।    SHO पर लगाए गए आरो SHO पर आरोप है कि उन्होंने T-Series कंपनी की ज़मीन पर रखा कंटेनर बिना अनुमति उठाकर कब्जे में ले लिया और कहा कि इसे पुलिस चौकी बनाया जाएगा।   कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें धमकाया गया।   Series की ज़मीन पर विश्वविद्यालय निर्माण की योजना को भी स्थानीय दबाव और SHO की निष्क्रियता से रोका जा रहा है।  फरियादियों का कहना है कि SHO की भाषा और व्यवहार सरकार की छवि के विपरीत है।   जनता की मांग SHO नॉलेज पार्क की कार्यशैली की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।   SHO को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।  
पुलिस विभाग की छवि बचाने और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए।


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