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उत्तर प्रदेश: आंगनबाड़ी भर्ती में EWS आरक्षण न देने पर छात्र नेताओं को ज्ञापन सौंपा
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर के सुप्रसिद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के पूर्व छात्र संघ महामंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस, सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में आज प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी गाजीपुर को एक ज्ञापन सौंपा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर के सुप्रसिद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के पूर्व छात्र संघ महामंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस, सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में आज प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी गाजीपुर को एक ज्ञापन सौंपा। इस पत्रक के माध्यम से आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ न दिए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने अपर उपजिलाधिकारी से इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा, "यह सामान्य वर्ग के युवाओं के अधिकारों का हनन है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि नियमानुसार EWS वर्ग के उम्मीदवारों को उनका उचित हक प्राप्त हो। यदि इस प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा है, तो उसे दूर कर पारदर्शिता अपनाई जाए।" अन्यथा हम सभी धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर दीपक उपाध्याय (पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष, पीजी कॉलेज), पूर्व छात्र नेता शशांक उपाध्याय, शिवम पांडेय, सुजीत राजभर, चमचम चौबे और ताम्रध्वज सहित कई अन्य युवा उपस्थित रहे। पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य (महिला कल्याण एवं बाल विकास) को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।
आरक्षण नियमों की अनदेखी पर सुधांशु तिवारी ने बताया कि भारत सरकार और राज्य सरकार के नियमानुसार सरकारी एवं सहायता प्राप्त संस्थानों में EWS वर्ग के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान अनिवार्य है। भर्ती प्रक्रिया में विसंगति पर शशांक उपाध्याय जी ने पत्र में आरोप लगाया गया है कि पूर्व की भर्तियों में EWS श्रेणी को स्थान दिया गया था, किंतु वर्तमान में चल रही आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। विज्ञापन या चयन प्रक्रिया में EWS श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख न होने से सामान्य वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।