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उत्तर प्रदेश: डायल-112 की गाड़ी के दुरुपयोग और डीजल घोटाले में दो पुलिसकर्मी निलंबित, होमगार्ड पर भी कार्रवाई की तैयारी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 21/09/2026 12:32:05 pm Share:
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  • 21/09/2026 12:32:05 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  थाना शाही क्षेत्र में तैनात डायल-112 की सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोपों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  थाना शाही क्षेत्र में तैनात डायल-112 की सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोपों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकारी संसाधनों के अनुचित प्रयोग के चलते पुलिस विभाग ने यह त्वरित विभागीय जांच की है। यह मामला 19 सितंबर 2026 को प्राप्त एक शिकायत के बाद संज्ञान में आया। जांच के दायरे में आए हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार पर अपने निर्धारित दायित्वों के विपरीत कार्य करने का आरोप है। पुलिस विभाग के अनुसार, इन कर्मियों की कार्यप्रणाली से विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इन दोनों के खिलाफ निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला प्राप्त शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि डायल-112 की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल निजी फायदों के लिए किया जा रहा था। इसमें पेट्रोल पंप संचालकों के साथ मिलीभगत कर सरकारी डीजल का दुरुपयोग करने की बात भी शामिल है। 


इस तरह की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कदाचार की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने मामले की तहकीकात के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार को निलंबित कर दिया। यह कदम यह दर्शाता है कि पुलिस महकमा सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के प्रति कितनी गंभीर है।
निलंबन आदेश के साथ ही, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सत्यता का पता लगाना और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो इन पुलिसकर्मियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है। इस कार्रवाई का सीधा संदेश यह है कि किसी भी स्तर पर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


होमगार्ड के विरुद्ध भी कार्रवाई की तैयारी इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, इसमें शामिल बताए जा रहे होमगार्ड मुकेश शर्मा के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिला कमांडेंट होमगार्ड को इस संबंध में एक औपचारिक पत्र भेजा गया है, जिसमें होमगार्ड मुकेश शर्मा पर लगे आरोपों का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। होमगार्ड विभाग से भी उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले में तत्परता दिखाते हुए उचित कदम उठाएगा। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को काफी सख्त माना जा रहा है। आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है, जो अपने कर्मियों को सार्वजनिक विश्वास और जिम्मेदारी के महत्व की याद दिलाती है। फिलहाल, पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और पुलिस बल की विश्वसनीयता को बनाए रखा जा सके।