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उत्तराखंड: VHP का संस्कारशाला आचार्या दक्षता वर्ग संपन्न, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर हुआ मंथन

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उत्तराखंड  Published by: Harish Upadhyay(UK) , उत्तराखंड  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 19/09/2026 10:37:40 am Share:
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  • Published by.: Harish Upadhyay(UK) ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 19/09/2026 10:37:40 am
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संक्षेप

उत्तराखंड: विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग द्वारा संचालित संस्कारशालाओं की आचार्या बहनों का संस्कारशाला आचार्या दक्षता वर्ग प्राचीन श्री अवधूत मंडल आश्रम, हरिद्वार में आयोजित किया गया।

विस्तार

उत्तराखंड: विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग द्वारा संचालित संस्कारशालाओं की आचार्या बहनों का संस्कारशाला आचार्या दक्षता वर्ग प्राचीन श्री अवधूत मंडल आश्रम, हरिद्वार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम श्री राकेश कंसल की अध्यक्षता तथा जिला सेवा प्रमुख रवि चौहान के संचालन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दक्षता वर्ग में प्रांत टोली के सदस्य रवि भूषण जोशी, अरुण कुमार गुप्ता एवं पूजा नौटियाल ने मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर हरिद्वार नगर में संचालित विभिन्न संस्कारशालाओं के पालक बंधुओं एवं आचार्या बहनों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में आनंद पाल, सीमा अग्रवाल, सुमन लता मित्तल, अजय कुमार कंसल, आशीष धारीवाल एवं शोभना सहित अनेक पालक बंधु उपस्थित रहे। वहीं संस्कारशाला की आचार्या बहनों में याचना ढींगरा, स्नेहा, रचना राजपूत, मनीष पांडे, कविता श्रीवास्तव एवं किरण सहित अन्य आचार्याओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था संस्कारशाला समन्वयक मंजू नौटियाल द्वारा की गई। दक्षता वर्ग के दौरान आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने, पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करने तथा विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संस्कारशाला में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक, नैतिक एवं संस्कारपूर्ण विकास पर भी महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारशालाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया  बैठक में ‘संस्कारशाला दर्शन’ कार्यक्रम के संबंध में भी चर्चा की गई। इस दौरान सभी संस्कारशालाओं की आचार्या बहनों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की तिथियां निर्धारित कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्कार, शिक्षा एवं सेवा के माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास कर नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना रहा। आयोजन के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने संस्कारशाला के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया।