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मध्य प्रदेश: आस्था का अनूठा संगम, महाकाल पूजन के साथ हुआ कन्या भोज
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में मुक्तिधाम स्थित महाकाल मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। ग्राम पटवारी पुरा, कोथर कलां निवासी आर्मी मैन लेखराज सिंह व उनकी पत्नी वर्षा ने पांच वर्ष बाद पुत्र शिवार्थ तोमर के जन्म की खुशी में भगवान महाकाल का भव्य औषधि अभिषेक कर विशाल कन्या भोज का आयोजन किया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में मुक्तिधाम स्थित महाकाल मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। ग्राम पटवारी पुरा, कोथर कलां निवासी आर्मी मैन लेखराज सिंह व उनकी पत्नी वर्षा ने पांच वर्ष बाद पुत्र शिवार्थ तोमर के जन्म की खुशी में भगवान महाकाल का भव्य औषधि अभिषेक कर विशाल कन्या भोज का आयोजन किया। महाकाल का विशेष औषधि अभिषेक कार्यक्रम का आयोजन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में डॉ. अनिल गुप्ता के तत्वावधान में किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल का पंचद्रव्य (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) एवं विभिन्न औषधियों से विधिवत अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किए गए इस अभिषेक से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाकाल का औषधि अभिषेक करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, रोग और कष्टों से मुक्ति मिलती है, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है, संतान सुख एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पांच साल बाद पूरी हुई मनोकामना लेखराज सिंह ने बताया कि उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए भगवान महाकाल से मन्नत मांगी थी। पांच वर्षों के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करते हुए यह विशेष आयोजन कराया। परिवार के साथ उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया। कन्या पूजन और विशाल भंडारा अभिषेक के पश्चात कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। छोटी-छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण धोए गए, तिलक किया गया और विधिवत पूजा अर्चना की गई। इसके बाद कन्या भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कन्याओं और बच्चों को भोजन कराया गया। उपहार वितरण और सेवा भाव कन्या भोज के बाद बच्चों को फल, मिठाई फूटी एवं अन्य उपहार वितरित किए गए। आयोजन में शामिल लोगों ने सेवा भाव से भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिली। धार्मिक और सामाजिक महत्व हिंदू परंपरा में कन्या भोज को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसे मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का प्रतीक माना जाता है। वहीं महाकाल का अभिषेक जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। पोरसा में आयोजित यह धार्मिक आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को सेवा, श्रद्धा और कृतज्ञता का संदेश भी दे गया। महाकाल के आशीर्वाद से संपन्न इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बना दिया।
