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उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री आवास योजना, शाहपुर तिगड़ी: जर्जर फ्लैट और अपात्र आवंटन से बढ़ी चिंता

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ajay Saxena , Date: 08/01/2026 05:46:44 pm Share:
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  • 08/01/2026 05:46:44 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शाहपुर तिगड़ी, मुरादाबाद में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित आवासीय फ्लैटों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक एवं जनहित से जुड़ी हुई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शाहपुर तिगड़ी, मुरादाबाद में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित आवासीय फ्लैटों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक एवं जनहित से जुड़ी हुई है। इन फ्लैटों को लाभार्थियों को 90 वर्ष के पट्टे पर आवंटित किया गया है, किंतु मात्र 4 वर्षों के भीतर ही भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। दीवारों से रेत झड़ रही है, छतों एवं दीवारों का प्लास्टर गिर रहा है तथा कई स्थानों पर गहरी दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। इससे भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही एक और अत्यंत गंभीर विषय सामने आया है कि इस योजना के अंतर्गत कई फ्लैट अपात्र व्यक्तियों को आवंटित कर दिए गए हैं, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के नियमों एवं उद्देश्य के विपरीत है। योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिलना चाहिए था, किंतु जांच के अभाव में अपात्र लोग लाभान्वित हो गए।

इतना ही नहीं, कॉलोनी में किरायेदारों का अवैध रूप से निवास भी लगातार बढ़ रहा है। इससे कॉलोनी का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है, असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है तथा मूल लाभार्थियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों के अनुसार फ्लैटों को किराये पर देना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कोई प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। स्थानीय निवासियों द्वारा इस संबंध में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को शिकायतें दी गई हैं, किंतु अब तक न तो निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई गई, न ही अपात्र आवंटन एवं किरायेदारी पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। अतः आपके प्रतिष्ठित समाचार पत्र के माध्यम से शासन-प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर जनहित के विषय की ओर आकृष्ट कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकिभवनों की तत्काल तकनीकी जांच हो,
घटिया निर्माण के दोषियों पर कार्रवाई हो, अपात्र आवंटनों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए, अवैध किरायेदारी पर रोक लगाई जाए। तथा किसी संभावित जनहानि से पहले आवश्यक कदम उठाए जाएँ।