-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: कोर्ट का आदेश लेकर ससुराल पहुंची विवाहिता, घर में नहीं मिला प्रवेश, पूरी रात दरवाजे पर बैठी रही महिला
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के बिरनो थाना क्षेत्र के बनकटा गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के बिरनो थाना क्षेत्र के बनकटा गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग से न्यायालय का आदेश लेकर अपनी ससुराल पहुंची विवाहिता को घर में प्रवेश नहीं मिला। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे माया यादव पुलिस के साथ अपनी ससुराल पहुंची, लेकिन उसे देखते ही ससुराल वालों ने मुख्य दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद महिला ने घर के मुख्य गेट पर बैठकर विरोध जताया और वापस जाने से इनकार कर दिया। पूरी रात उसे दरवाजे पर ही गुजारनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, माया यादव की शादी 8 दिसंबर 2020 को गाजीपुर के बनकटा गांव निवासी गोविंद यादव के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। माया का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। पति और ससुराल वाले कार और दो लाख रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। महिला ने पति पर शराब पीकर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। माया के मुताबिक, कई बार परिवार के लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय में हुई। न्यायालय ने 24 जुलाई 2026 को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दांपत्य जीवन की पुनर्स्थापना का आदेश देते हुए पति गोविंद यादव को दो महीने के भीतर माया के साथ दांपत्य जीवन बहाल करने का निर्देश दिया था। माया का कहना है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी पति उसे लेने नहीं पहुंचा। इसके बाद वह न्यायालय के आदेश के आधार पर पुलिस को साथ लेकर अपनी ससुराल पहुंची, लेकिन वहां उसे घर में प्रवेश नहीं दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि घर में प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ने पर उसके ससुर जनार्दन यादव लाठी लेकर उसे मारने के लिए दौड़े और उसके साथ हाथापाई भी की। वहीं, ससुराल पक्ष ने घर में ताला लगा दिया। सूचना मिलने पर डायल-112 और बिरनो थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल वाले महिला को घर में रखने के लिए तैयार नहीं हुए। दूसरी ओर, माया के ससुर जनार्दन यादव ने महिला के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि गोविंद और माया का प्रेम विवाह हुआ था और शादी के बाद माया उनके घर में ठीक से नहीं रही। उन्होंने बताया कि इस मामले में वह भी न्यायालय में अपना पक्ष रख चुके हैं और वहां से फैसला आने तक महिला को घर में प्रवेश नहीं करने देंगे। माया ने यह भी आरोप लगाया कि उसे रात में खाने-पीने का सामान और कंबल तक उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे कंबल और बिस्तर दिया गया। महिला के अनुसार, उसके मायके पक्ष के रिश्तेदार खाने-पीने का सामान लेकर पहुंचे, जिसके बाद उसने भोजन किया। इस मामले में बिरनो थाना प्रभारी पन्नेलाल यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश का तामिला ससुराल पक्ष को करा दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए समझाया है, लेकिन वे महिला को घर में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में न्यायालय के आदेश और दोनों पक्षों के दावों के बीच विवाद बना हुआ है। महिला अपने वैवाहिक जीवन की बहाली की मांग कर रही है, जबकि ससुराल पक्ष न्यायालय के अगले फैसले का इंतजार करने की बात कह रहा है।
