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उत्तराखंड, पिथौरागढ़: ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’, धारी घुमलाकोट के ग्रामीणों ने 2027 चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान

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उत्तराखंड  Published by: Likhit Pant , उत्तराखंड  Edited By: Namita Chauhan, Date: 11/08/2026 07:04:47 pm Share:
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  • 11/08/2026 07:04:47 pm
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संक्षेप

उत्तराखंड, पिथौरागढ़। जिले के गंगोलीहाट विकासखंड की ग्राम सभा धारी घुमलाकोट में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

विस्तार

उत्तराखंड, पिथौरागढ़। जिले के गंगोलीहाट विकासखंड की ग्राम सभा धारी घुमलाकोट में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

1980 की टंकी और पाइपलाइन बनी सहारा, अब जर्जर

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में वर्ष 1980 में स्थापित पानी की टंकी और पाइपलाइन अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। पेयजल व्यवस्था खराब होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। इससे खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

‘वासुकी नाग पेयजल योजना’ से भी नहीं मिली राहत

ग्राम प्रधान अनुपा देवी ने बताया कि गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए ‘वासुकी नाग पेयजल योजना’ के तहत मांग शासन-प्रशासन के सामने रखी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की ओर से लगातार आश्वासन तो दिए गए, लेकिन धरातल पर समस्या का समाधान नहीं हुआ।

प्रधान के अनुसार, पिछले एक साल से कोई भी कर्मचारी गांव में पेयजल समस्या की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।

अनशन और आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्द पेयजल संकट का समाधान नहीं किया गया तो वे अनशन और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) बहुल होने के कारण उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो 2027 के चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।

इन ग्रामीणों ने जताया विरोध

प्रधान अनुपा देवी के साथ महेश राम, राकेश कुमार, सोनिया, सरिता, इंद्रा देवी, सरस्वती देवी, पुष्पा देवी, सुनीता देवी, सांवली देवी, प्रिया, शोभा देवी, रश्मि, राजेश कुमार, मिशन राम, फकीर राम, कमल कुमार, हरीश चन्द्र, गणेश लाल, सुनील कुमार, गंगाराम, भगवान राम, बरकत राम और पायल आर. समेत कई ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया है।