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बिहार: बाघी बरडीहा पैक्स अध्यक्ष शीतल प्रसाद का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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बिहार:  Published by: Sanjay Kumar Verma , Date: 02/04/2026 11:58:39 am Share:
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  • 02/04/2026 11:58:39 am
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संक्षेप

बिहार: वारिसलीगंज प्रखण्ड के बाघी बरडीहा पैक्स के निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष वर्षीय शीतल प्रसाद का निधन सोमवार की रात नवादा स्थित आवास पर हो गई। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पैक्स अध्यक्ष के निध

विस्तार

बिहार: वारिसलीगंज प्रखण्ड के बाघी बरडीहा पैक्स के निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष वर्षीय शीतल प्रसाद का निधन सोमवार की रात नवादा स्थित आवास पर हो गई। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पैक्स अध्यक्ष के निधन की सूचना मिलते ही प्रखंड समेत नवादा जिले के उनके जानने वाले लोग बाघी बरडीहा गांव पहुंच शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल स्वजन के लिए धैर्य की कामना की। पैक्स अध्यक्ष के अनुज सह केशव कपूर मेमोरियल अस्पताल नवादा के निदेशक बसंत प्रसाद ने बताया की गंभीर रूप से बीमार थे। निधन की सूचना पर वारिसलीगंज विधायक अनिता के पति अशोक महतो, पूर्व विधायक प्रदीप महतो,मोसमा पैक्स अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया मनोज प्रसाद,शाहपुर पैक्स अध्यक्ष बब्लू कुमार ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़: जैसे ही उनके निधन की सूचना लोगों तक पहुंची, उनके आवास पर शुभचिंतकों, ग्रामीणों और समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने प्रिय नेता और समाजसेवी के अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल दिखा। लोगों की आंखें नम थीं और जुबां पर बस एक ही बात "ऐसा इंसान फिर मिलना मुश्किल है भाइयों में था अपार स्नेह : शीतल प्रसाद तीन भाइयों में मझले भाई थे अलग होने के बाबजूद सभी भाइयों और परिवार के बीच स्नेह और प्रेम प्रगाढ था। भाई बसंत प्रसाद केशव कपूर मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक है, बड़े भाई गावं में किसान हैं। ग्रामीणों ने बताया की नवादा में रहने के बाबजूद हमेशा गावं और ग्रामीणों से जुड़े रहे। गांव में नम आंखों से दी गई विदाई: उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बागी बगडीहा में किया गया, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके ज्येष्ठ पुत्र ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी। उस क्षण पूरा माहौल गमगीन हो उठा हर दिल भारी था, हर आंख नम।

सादगी और सेवा की मिसाल थे शीतल प्रसाद: शीतल प्रसाद सिर्फ एक पैक्स अध्यक्ष नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए सहारा थे। उन्होंने हमेशा गांव और क्षेत्र के विकास, गरीबों की मदद और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी सादगी, सहजता और लोगों के प्रति समर्पण उन्हें खास बनाता था। गांव में छाया मातम: उनके निधन से बागी बगडीहा ही नहीं, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। गांव के बुजुर्ग हों या युवा, हर कोई उनके जाने से खुद को असहाय महसूस कर रहा है। लोग उन्हें एक ऐसे इंसान के रूप में याद कर रहे हैं, जो हर दुख-सुख में साथ खड़ा रहता था। 

आज शीतल प्रसाद अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनके कार्य और उनका स्नेह हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी श्रवण कुशवाहा, राजेंद्र कुशवाहा, अर्जुन कुशवाहा, नागेंद्र कुशवाहा, अशोक महतो, पूर्व विधायक प्रदीप महतो, सुंदर कुशवाहा, पैक्स अध्यक्ष मनोज मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र यादव संजय यादव, रविकांत वर्मा, रामबालक यादव, राजीव सिन्हा, बैजनाथ प्रसाद कुशवाहा, शैलेंद्र मुखिया, यमुना प्रसाद, विक्की कुशवाहा, डॉक्टर शैलेंद्र प्रसाद, डॉक्टर मनोज कुमार, डॉक्टर ओमप्रकाश, अधिवक्ता नीतीश मेहता, सोनू कुशवाहा सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।