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बिहार: छात्र से मारपीट के आरोप में शिक्षिका रजनी कुमारी निलंबित, मुख्यालय निर्धारण पर उठे सवाल

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बिहार  Published by: Sanjay Kumar Verma , Date: 22/01/2026 03:11:26 pm Share:
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  • 22/01/2026 03:11:26 pm
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संक्षेप

बिहार: नवादा जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए मध्य विद्यालय हिसुआ की शिक्षिका रजनी कुमारी को छात्र के साथ मारपीट और अनुचित आचरण के आरोप में निलंबित कर दिया है।

विस्तार

बिहार: नवादा जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए मध्य विद्यालय हिसुआ की शिक्षिका रजनी कुमारी को छात्र के साथ मारपीट और अनुचित आचरण के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी नवादा द्वारा 18 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के तहत की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को छात्र के पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि शिक्षिका ने छात्र के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया और मामला सड़क पर आ गया। जांच के दौरान विद्यालय के बच्चों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि शिक्षिका द्वारा अक्सर धार्मिक टिप्पणी की जाती थी और पूर्व में भी छात्रों के साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हिसुआ द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर शिक्षिका ने 1 जनवरी 2026 को अपना पक्ष रखा, लेकिन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका को निलंबित करते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हिसुआ कार्यालय को मुख्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए कार्यक्रम पदाधिकारी को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है, जो 45 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेंगे। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। हालांकि बिहार सेवा नियमावली और शिक्षा विभाग के प्रावधानों के अनुसार, जब किसी शिक्षक को निलंबित किया जाता है, तो आदेश में ही उनके 'मुख्यालय' का निर्धारण कर दिया जाता है। नियम सामान्यत यह है कि निलंबन की अवधि में शिक्षक का मुख्यालय उनके कार्यरत विद्यालय या प्रखंड से अलग किसी अन्य प्रखंड के संसाधन केंद्र या जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में तय किया जाता है। जिसका उद्देश्य  मुख्यालय बदलने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि संबंधित शिक्षक जाँच प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके और कार्यस्थल के अभिलेखों से छेड़छाड़ न हो। लेकिन उक्त शिक्षक को हिसुआ प्रखंड मुख्यालय हीं दिया गया है ,यह शिक्षा विभाग पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

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