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छत्तीसगढ़: 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य कितना लंबा और चुनौतीपूर्ण है भारत का सफर?
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संक्षेप
छत्तीसगढ़: आर्थिक मापदंड: $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारत की जीडीपी लगभग $3.9 ट्रिलियन है। विकसित देशों की श्रेणी (जैसे अमेरिका, जापान या जर्मनी) में आने के लिए भारत को अपनी अर्थव्यवस्था का आकार $30 ट्रिलियन तक ले जाना होगा।
विस्तार
छत्तीसगढ़: आर्थिक मापदंड: $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारत की जीडीपी लगभग $3.9 ट्रिलियन है। विकसित देशों की श्रेणी (जैसे अमेरिका, जापान या जर्मनी) में आने के लिए भारत को अपनी अर्थव्यवस्था का आकार $30 ट्रिलियन तक ले जाना होगा। प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income): वर्तमान में भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग $2,500-$2,700 के आसपास है। विश्व बैंक के मानकों के अनुसार, एक 'उच्च आय' वाले देश के लिए यह राशि $13,845 से अधिक होनी चाहिए। विकास दर: इस लक्ष्य को पाने के लिए भारत को अगले 20-25 वर्षों तक लगातार 7% से 9% की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर बनाए रखनी होगी, जो ऐतिहासिक रूप से एक कठिन चुनौती है। स्वास्थ्य सेवा: विकसित देशों में स्वास्थ्य पर जीडीपी का बड़ा हिस्सा खर्च होता है। भारत को अपनी स्वास्थ्य बुनियादी संरचना को ग्रामीण स्तर तक मजबूत करना होगा ताकि औसत जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) में सुधार हो सके। . बुनियादी ढांचा और तकनीकी नवाचार विकसित भारत के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य है। मध्यम आय जाल (Middle Income Trap): कई देश विकास तो करते हैं लेकिन एक स्तर पर आकर अटक जाते हैं। भारत को इससे बचने के लिए विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Services) दोनों में संतुलन बनाना होगा। महिला श्रम बल: भारत में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को बढ़ाना अनिवार्य है। निष्कर्ष: रास्ता कितना लंबा है? तकनीकी रूप से यह रास्ता 21 साल (2047 तक) का है। लेकिन यह केवल समय की बात नहीं है, बल्कि नीतियों के सटीक कार्यान्वयन की है। यदि भारत अपनी जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का सही उपयोग कर लेता है और भ्रष्टाचार व नौकरशाही की बाधाओं को कम करता है, तो यह 'लंबा रास्ता' तय करना संभव है। यह एक यात्रा है जहाँ हमें "विकास" को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि हर नागरिक की मुस्कान और गरिमा में देखना होगा।
2. मानव विकास सूचकांक (HDI) में सुधारकेवल पैसा ही किसी देश को विकसित नहीं बनाता; वहां के नागरिकों का जीवन स्तर भी ऊंचा होना चाहिए। शिक्षा और कौशल: भारत की एक बड़ी आबादी कार्यबल में है, लेकिन उनमें से एक बड़ा हिस्सा 'कुशल' (Skilled) नहीं है। भविष्य की एआई (AI) और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है।
लॉजिस्टिक्स लागत: भारत में सामान एक जगह से दूसरी जगह भेजने की लाग (Logistics Cost) जीडीपी का लगभग 13-14% है, जबकि विकसित देशों में यह 8% के आसपास होती है। इसे कम करने के लिए 'गति शक्ति' जैसे मिशनों की सफलता जरूरी है।
R&D (अनुसंधान और विकास): भारत वर्तमान में अपनी जीडीपी का 1% से भी कम अनुसंधान पर खर्च करता है। नवाचार के बिना हम 'विश्व गुरु' या विकसित राष्ट्र नहीं बन सकते। सामाजिक और क्षेत्रीय असमानता भारत की प्रगति का रास्ता तब तक पूरा नहीं होगा जब तक शहरों और गांवों के बीच की खाई कम नहीं होती।
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