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उत्तर प्रदेश: शराब से डायबिटीज मरीजों को बढ़ सकता है बड़ा खतरा, साइलेंट हार्ट अटैक के बढ़ रहे केस: डॉ. मोहित सरन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , Date: 16/03/2026 10:35:26 am Share:
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  • 16/03/2026 10:35:26 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जैसे-जैसे लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे-वैसे लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं खास तौर पर शुगर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है इसी संबंध में शुगर रोग विशेषज्ञ दिल्ली के मनीपाल हॉस्पिटल से डॉक्टर मोहित सरन ने बरेली में भी अपनी सेवाएं शुरू कर दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जैसे-जैसे लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे-वैसे लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं खास तौर पर शुगर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है इसी संबंध में शुगर रोग विशेषज्ञ दिल्ली के मनीपाल हॉस्पिटल से डॉक्टर मोहित सरन ने बरेली में भी अपनी सेवाएं शुरू कर दी है। आमतौर पर शुगर बढ़ने पर लोगों को इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब सुविधा बरेली के अस्पताल में मिल सकेगी। इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन्होंने जानकारी दी। रविवार को स्टेडियम रोड स्थित किया अस्पताल में कैंप का आयोजन किया गया है जिसमें शुगर पेशेंट की ओपीडी की जाएगी। आगे इन्होंने बताया कि शुगर की वजह से सबसे अधिक असर व्यक्ति के हृदय गुर्दे आंखें तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है जिसकी वजह से कई बार व्यक्तियों की साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से जान भी चली जाती है और मौत हो जाती है। बदलते लाइफस्टाइल में लोग का फास्ट फूड और शॉर्ट टर्म लाइफस्टाइल की ओर भाग रहे हैं शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से सबसे अधिक परेशानी हो रही है शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से सबसे अधिक लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं और हार्ट अटैक कभी शिकार हो रहे हैं आमतौर पर यह बीमारी 25 साल की आगे के बाद एक सामान्य रूप ले लेती है और एक सामान्य बात हो चुकी है इसी संबंध में डॉक्टर मोहित सरन ने बतायाकी पहले के जमाने में महिलाए घर का सारा काम अकेले करती थी कुएं से पानी निकलने से लेकर के घर की साफ सफाई बर्तन माजना झाड़ू लगाना पैदल जाना लेकिन अब बदलते जमाने के साथ लाइफ़स्टाइल बदल चुका है लुक अप फास्ट फूड का सेवन सबसे अधिक करते हैं शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से लोगों में डायबिटीज की संख्या भी बढ़ती जा रही है। 

शराब है सबसे बड़ा खतरा  आगे उन्होंने बताया कि डायबिटीज पेशेंट के लिए शराब सबसे बड़ा खतरा है। आमतौर पर डॉक्टर के परामर्श के बाद ही बहुत ही कम मात्रा में प्रयोग की जा सकती है लेकिन लोग बिना डॉक्टर के परामर्श के ही ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन हद से ज्यादा कर लेते हैं जिस वजह से शुगर की मात्रा हाई लेवल पर पहुंच जाती है और व्यक्ति की जान तक चली जातीहै।  ऑनलाइन दवाइयां भी है जान का खतरा  आगे इन्होंने बताया कि कई बार लोग जो है विज्ञापन देखकर आकर्षक विज्ञापन देखकर या लोगों से बातचीत करके बिना डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी जांच के खुद ही शुगर बढ़ने पर शुगर की दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं और बाद में रहते हैं कि शुगर लेवल कंट्रोल नहीं हो रहा है इस वजह से भी व्यक्ति की जान को खतरा बन जाता है ऐसे में उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर के परामर्श के या आकर्षक विज्ञापन से आकर्षित न होकर के कभी भी बिना पूछे दवा नहीं लेनी चाहिए। 

आलू चावल मिठाई से बनान दूरी  आगे उन्होंने बताया कि डायबिटीज पेशेंट को खास तौर पर आलू चावल मिठाइयों से दूर रहना चाहिए सबसे अधिक अंकुरित दाल चना सेब संतरा कुछ ग्राम पपीता सबसे ज्यादा फायदेमंद करता है शुगर के पेशेंट को थोड़ी-थोड़ी समय पर कुछ ना कुछ खाते रहना चाहिए इसे शुगर की मात्रा कंट्रोल में रहती है सबसे अधिक फायदा इन्होंने बताया कि सुबह खाली पेट और खाना खाने के 2 घंटे बाद हफ्ते में एक बार जांच अवश्य करनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवाइयां प्रयोग करनी चाहिए। 
डायबिटीज पेशेंट नहीं रख सकते व्रत और रोजा आगे इन्होंने बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज है वह लोग करवा चौथ का व्रत और रोजा नहीं रख सकते क्योंकि ऐसी कंडीशन में व्यक्ति का कुछ ना कुछ खाना बहुत जरूरी होता है लेकिन व्रत के दौरान व्यक्ति रहा तो पानी पीता है ना ही कुछ खाता है जिस वजह से शुगर की मात्रा सबसे अधिक प्रजाति है और व्यक्ति की जिंदगी पर भी भारी पड़ जाती है केवल जान तक चली जाती है। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर के साथ जरूरी परामर्श लेते रहनाचाहिए। 

प्रत्येक 3 महीने के बाद हो  चेक अप आगे उन्होंने बताया कि एक समय के बाद व्यक्ति को फुल बॉडी चेकअप करा लेना चाहिए खास तौर 3 से 6 महीने के बाद व्यक्ति को खाली पेट और खाना खाने के 2 घंटे बाद की शुगर की जांच कर लेनी चाहिए इसके अलावा फुल बॉडी चैकअप भी करना अनिवार्य होता है इससे पता चल जाता है और सही समय पर सही बीमारी पता चलने से उसका सही समय पर इलाज भी शुरू हो जाता है और उसे कंट्रोल किया जा सकता है।  पांव में सूजन नसों में खिंचाव है सबसे बड़ा लक्षण आगे उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी शुगर की मात्रा सबसे अधिक बढ़ने लगती है तो उसे सबसे पहला लक्षण है कि व्यक्ति को सबसे अधिक प्यास लगती है और सबसे अधिक पेशाब आना शुरू हो जाती है कई बार शुगर लेवल अधिक होने से व्यक्ति के पैर में सूजन पैरों में घटिया कंधे में खिंचाव हड्डियों की नसों में खिंचाव शुरू होने लगता है और व्यक्ति को चलने में उठने बैठने में भी सबसे अधिक परेशानी होने लगती है।  बरेली में पहली बार शुरू कर रहे हैं सेवा 
आगे उन्होंने बताया कि यह पहली बार बरेली में अपनी सेवा स्टेडियम रोड स्थित केयर अस्पताल में शुरू करने जा रहे हैं। महीने में एक बार बरेली में उनकी सेवाएं रहेंगी अभी तक उनकी सेवाएं दिल्ली के अस्पताल में रहती थी लेकिन अब पहली बार यह बरेली में सेवाएं शुरू करने जा रहे हैं इसका फायदा बरेली की जनता को भी मिलेगा और ओपीडी करने के लिए बरेली की लोगों को दिल्ली भागने की आवश्यकता नहीं होगी।