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गुजरात: कोसमाळ गांव में महिलाओं को रागी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम पहल
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संक्षेप
गुजरात: ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) आहवा-डांग तथा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) आहवा के उपक्रम से तहसील वघई के कोसमाळ गांव में महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
विस्तार
गुजरात: ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) आहवा-डांग तथा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) आहवा के उपक्रम से तहसील वघई के कोसमाळ गांव में महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। दिनांक 12/03/2026 से 17/03/2026 तक चल रहे इस प्रशिक्षण में गांव की लगभग 35 महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को रागी से बनने वाले विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थ जैसे रागी की पापड़ी, बिस्किट, नानखटाई, सेव सहित कई प्रकार के व्यंजन बनाने की प्रायोगिक ट्रेनिंग दी जा रही है। रागी एक पौष्टिक अनाज है जिसमें विटामिन, मिनरल्स तथा शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। रागी से बने खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक माने जाते हैं और शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने में सहायक होते हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य डांग जिले की आदिवासी बहनों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपने घर से रागी आधारित विभिन्न उत्पाद बनाकर आय का स्रोत तैयार कर सकें। साथ ही उन्हें यह भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है कि अपने उत्पादों को व्यवसायिक रूप से बाजार में कैसे प्रस्तुत किया जाए और बिक्री कैसे बढ़ाई जाए। इस कार्यक्रम के माध्यम से डांग जिले की आदिवासी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और भविष्य में अपने उत्पादों को राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। स्थानीय महिलाओं ने इस प्रशिक्षण को बहुत उपयोगी बताया और आने वाले समय में स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है।
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