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उत्तर प्रदेश: भयहरणनाथ धाम में सामूहिक सामाजिक सत्याग्रह संपन्न, भूमि चिन्हांकन की मांग, 22 मार्च को फिर आंदोलन की चेतावनी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Prashant (Pratapgarh) , Date: 16/03/2026 10:22:41 am Share:
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  • 16/03/2026 10:22:41 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में प्रबन्ध संस्था भयहरणनाथ धाम क्षेत्रीय विकास संस्थान द्वारा वर्तमान दर्ज भूमि को एक सप्ताह के भीतर चिन्हांकित करने की राजस्व विभाग से माँग हुई. तय हुआ कि यदि एक सप्ताह के अंदर भूमि

विस्तार

उत्तर प्रदेश: प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में प्रबन्ध संस्था भयहरणनाथ धाम क्षेत्रीय विकास संस्थान द्वारा वर्तमान दर्ज भूमि को एक सप्ताह के भीतर चिन्हांकित करने की राजस्व विभाग से माँग हुई. तय हुआ कि यदि एक सप्ताह के अंदर भूमि को चिन्हांकित नही किया जाता है तो हम लोग पुनः 22 मार्च को सत्याग्रह हेतु बाध्य होंगे. वहीं निजी स्वार्थ मे एक पुजारी व आसमाजिक तत्वों द्वारा जल्दबाजी में 2001 में बने  बारदारी को तोड़े जाने की सर्व सम्मति से निंदा प्रस्ताव  पारित किया गया और जिलाधिकारी से सामूहिक माँग की गई की  धाम में अनाधिकार कब्जा रोका जाए और तोड़ी गई बारादरी को सरकारी योजना से ही पुनः सुव्यवस्था के साथ  निर्मित कराये जाने की माँग हुई. 

भयहरणनाथ धाम में कार्यवाहक अध्यक्ष लाल जी सिंह द्वारा 1 मार्च को हुई बैठक में रखे गए प्रस्ताव  के क्रम में सत्याग्रह प्रबन्ध संस्थान द्वारा दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक आयोजित हुई. सत्याग्रह की अध्यक्षता अध्यक्ष राज कुमार शुक्ल ने की. सत्याग्रह का संचालन व संयोजन करते हुए महासचिव समाज शेखर ने रूपरेखा व राजस्व अभिलेखों व नक्शे से सभी को अवगत कराया.  सत्याग्रह में चर्चा के दौरान उपाध्यक्ष प्रशासन बबन सिंह ने कहा कि धाम में कुछ लोग एक पुजारी की आड़ में निजी स्वार्थ हेतु मनमाना पन करते है जिसका उदाहरण बारा दरी का बिना स्वीकृति के तोड़ा जाना सर्वथा अनुचित है. स्थानीय पुलिस व राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सदस्यों ने सवाल उठाया की सूचना के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नही की गई. सभी ने ज़िल प्रशासन से उक्त मामले को लोक क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की माँग की. 

सत्याग्रह में तय हुआ कि वर्तमान दर्ज भूमि का चिन्हाकन एक सप्ताह के भीतर किये जाने की माँग हुई. वहीं यह भी तय हुआ कि यदि समय से चिन्हा कन नही हुआ तो अगले रविवार को पुनः सामूहिक सत्याग्रह का बड़ी संख्या में किया जायेगा. वहीं धाम से जुड़ी सामलाती व सार्वजनिक प्राचीन बंजर, तालाब, नदी, रास्ता आदि भूमि को पुनः कायम किये जाने की मांग हुई. साढ़े 9 बीघा पौराणिक शिवगंगा तालाब के पुनरोद्धार की पुरजोर माँग हुई. वहीं 2024- 25 में भयहरणनाथ धाम में सड़क निर्माण व पुनरोद्धार हेतु 35.50 लाख की योजना थी. परंतु योजना में निहित स्वार्थी लोगो ने मिलकर बंदर बाँट किया और सड़क के नाम पर खानापूर्ति की गई. सभी ने तय किया जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से इसकी जाँच कराई जाए और उपाध्यक्ष वित्त  राजीव नयन मिश्र को आर टी आई द्वारा स्थलीय जांच व नमूना लिए जाने हेतु आवेदन करने का निर्देश दिया. चौकी प्रभारी राजीव वर्मा ने पुलिस बल के साथ मौजूद रहकर शांति व्यवस्था में सहयोग किया. 

सत्याग्रह मे प्रमुख रूप से संरक्षक देवी प्रसाद मिश्र, सभाजीत सिंह, उपाध्यक्ष संगठन डॉ अमर बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष मीडिया पी बी सिंह, विधि परामर्शी रमा शंकर मिश्र, सचिव प्रशासन चिंता मणि त्रिपाठी, सचिव संगठन राज किशोर मिश्र, कोषाध्यक्ष लाल जी सिंह, सह कोषाध्यक्ष कमलेश वैश्य, मेला  संयोजक कमला कांत मिश्र, मंदिर सचिव मुरली पांडेय, शत्रुघ्न सिंह, मनीराम वर्मा, बुद्धि प्रकाश, धर्म पाल सिंह, दिनेश तिवारी, आशुतोष कुमार सिंह, करुणेश शुक्ल, राजेश मिश्र, प्रभाकर पांडेय, राज कुमार मिश्र, अमरेश तिवारी, महेश्वरी पांडेय, भानु प्रकाश, कार्यालय प्रभारी संजीव मिश्र नीरज, संजय गौतम व बबलू अग्रहरि आदि ने प्रतिभाग किया।