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अमित कुमार पांडेय/उत्तर प्रदेश: प्रधानाचार्य आचार्य वैदिक पं अमित कुमार पाण्डेय काशी के द्वारा जाने श्री कृष्णा जन्माष्टमी का महत्व

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  Published by: ,   Edited By: Jamil Ahmed, Date: 26/08/2024 10:37:10 am Share:
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  • 26/08/2024 10:37:10 am
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संक्षेप

अमित कुमार पांडेय/उत्तर प्रदेश: धरती पर जब-जब अत्याचार बढ़ता है भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। जब कंस का अत्याचार बहुत बढ़ गया। वह साधु संतों पर अत्याचार करने लगा, खुद अपने पिता को बंदी बनाकर राजपाट  छीन लिया।

विस्तार

अमित कुमार पांडेय/उत्तर प्रदेश: धरती पर जब-जब अत्याचार बढ़ता है भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। जब कंस का अत्याचार बहुत बढ़ गया। वह साधु संतों पर अत्याचार करने लगा, खुद अपने पिता को बंदी बनाकर राजपाट  छीन लिया।  वह अपनी बहन और जीजा जी  को कारागार में बंद कर दिया और यहां तक की गर्भ में पलने वाले उनके बच्चों को पैदा होते ही मार देता था। ऐसी दुष्ट का नाश करने के लिए भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रुप मे आज ही के दिन भादो माह के कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र  में अष्टमी तिथि को कारागार में जन्म लिये। 

देवकी के गर्भ से जन्म लिए, मां यशोदा ने पालन पोषण किया। अपने बाल लीला से उन्होंने पूरे विश्व को एक ऐसा प्रेम का संदेश दिया जिसमें अगर मानव डूब जाए तो उसका कल्याण हो जाए। पूरे विश्व को गीता के रूप में ऐसा उपदेश दिया जिसका मनन करने से मनुष्य का कल्याण हो जाए।  महाभारत में पांडवों के सारथी बने।  भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अपने भक्तों की रक्षा के लिए हुआ था और अंत में उन्होंने कंस का वध करके अस्तय पे सत्य की जीत दिलाई- जय श्री कृष्णा।।
 


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