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मध्य प्रदेश: कलेक्टर के सख्त निर्देश, समय-सीमा के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, अधिकारियों को दिए कड़े आदेश

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 23/07/2026 01:40:52 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 23/07/2026 01:40:52 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: मुरैना जिले में समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

विस्तार

मध्य प्रदेश: मुरैना जिले में समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग-552 के लंबित मुआवजा वितरण कार्य को 25 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के 100 दिनों से अधिक लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में भू-अर्जन, भूमि आवंटन, राजस्व प्रकरणों और जल जीवन मिशन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के लिए भूमि चिन्हांकन में देरी करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय आवासों पर अवैध कब्जों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर ने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय का निर्णय प्रशासन के पक्ष में आ चुका है और कोई स्थगन आदेश नहीं है, वहां तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। वहीं स्थानांतरित और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कब्जे वाले सरकारी आवास भी शीघ्र खाली कराए जाएं।

किसानों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खाद विक्रेताओं की नियमित जांच करने और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र जैसे नागरिक सेवाओं के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने को कहा गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि पर नए अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी निगरानी रखें। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में नियमित सुनवाई कर लंबित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कम से कम 25 पटवारियों को रोवर प्रणाली का प्रशिक्षण दिलाने और राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता एवं गति लाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

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