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राजस्थान: ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों पुराने राजस्व मामलों का समाधान, किसानों और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: राज्य सरकार के जन कल्याण अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्राम पंचायत नौखजोधा के ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा। वर्षों से लंबित राजस्व संबंधी जटिल मामलों का मौके पर ही समाधान होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
विस्तार
राजस्थान: राज्य सरकार के जन कल्याण अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्राम पंचायत नौखजोधा के ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा। वर्षों से लंबित राजस्व संबंधी जटिल मामलों का मौके पर ही समाधान होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। शिविर में उपखंड अधिकारी रजत, तहसीलदार विजय बाजिया, भू-अभिलेख निरीक्षक भागूराम एवं पटवारी गोपालकृष्ण की उपस्थिति में राजस्व मामलों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया गया। इसी प्रकार राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटिपूर्ण नाम दर्ज होने के कारण विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे लाभार्थी भगानाराम के नाम की दुरुस्ती भी शिविर में ही कर दी गई। नाम संशोधन के बाद अब उन्हें सरकारी योजनाओं, कृषि अनुदानों तथा बैंक ऋण संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं रहेगी। शिविर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि ग्राम नौखजोधा से कठौती तक लगभग चार किलोमीटर लंबे ऐतिहासिक मार्ग का राजस्व रिकॉर्ड में अंकन रही। यह मार्ग पिछले करीब 80 वर्षों से ग्रामीणों एवं काश्तकारों द्वारा उपयोग में लिया जा रहा था, लेकिन राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं होने से कई प्रकार की व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होती थीं। राजस्व टीम द्वारा रिकॉर्ड की जांच, संबंधित काश्तकारों की सहमति एवं तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर मार्ग का राजस्व मानचित्र एवं अभिलेखों में विधिवत अंकन सुनिश्चित किया गया। इससे क्षेत्र के अनेक काश्तकारों एवं ग्रामीणों को स्थायी राहत मिली है। एक ही शिविर में जोत विभाजन, नाम दुरुस्ती और दशकों पुराने सार्वजनिक मार्ग के राजस्व रिकॉर्ड में अंकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निस्तारण से ग्रामीणों में संतोष एवं उत्साह का वातावरण है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की जनहितकारी पहल तथा प्रशासन की त्वरित एवं पारदर्शी कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे आमजन को राहत पहुंचाने वाला प्रभावी अभियान बताया।
शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि लंबे समय से चले आ रहे कृषि भूमि विवाद का आपसी सहमति से समाधान रहा। कानी देवी एवं पप्पू राम के परिवारों के बीच कृषि जोत विभाजन का मामला वर्षों से लंबित था। राजस्व अधिकारियों की समझाइश और दोनों पक्षों की सहमति से राजस्थान काश्तकारी अधिनियम के तहत बंटवारा प्रस्ताव स्वीकृत किया गया तथा मौके पर ही डिक्री एवं अमलदरामद की कार्रवाई पूरी की गई। इससे परिवारों को स्थायी समाधान मिला और एक पुराने विवाद का अंत हो गया।
