Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: गोंडा में बिना मान्यता स्कूल पर कार्रवाई, प्रबंधक के खिलाफ हुई FIR

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ritesh Singh , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/08/2026 10:07:34 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Ritesh Singh ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 24/08/2026 10:07:34 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के औसनी बुजुर्ग गांव स्थित नॉलेज बीम एकेडमी के प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई विद्यालय के बिना मान्यता संचालित होने और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़े वि*वाद के बाद की गई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के औसनी बुजुर्ग गांव स्थित नॉलेज बीम एकेडमी के प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई विद्यालय के बिना मान्यता संचालित होने और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़े वि*वाद के बाद की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी बभनजोत रियाज अहमद की तहरीर पर शनिवार देर रात करीब 11 बजे खोड़ारे थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शिक्षा विभाग से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 15 अगस्त को विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चार छात्राओं को बु,र्के में नृत्य कराया गया। इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर आ,पत्ति जताए जाने की बात भी तहरीर में कही गई है।

मामला सामने आने के बाद 17 अगस्त को बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर जांच की थी। जांच के बाद विद्यालय को सील कर दिया गया था।
तहरीर में यह भी आरोप है कि विद्यालय बिना आवश्यक मान्यता के संचालित किया जा रहा था। विभाग के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन को पूर्व में नोटिस देकर संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद स्कूल संचालित होने की बात सामने आई। बीएसए अमित कुमार सिंह ने कहा कि बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विद्यालय में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। वहीं, मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय प्रबंधन को पूर्व में नोटिस दिए जाने की बात सामने आने के बावजूद एफआईआर में प्रबंधक को 'अज्ञात' क्यों दर्शाया गया। इस बिंदु पर संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट किए जाने की अपेक्षा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कार्यक्रम से जुड़े आरोपों और विद्यालय की मान्यता संबंधी स्थिति की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।