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उत्तर प्रदेश: जनपद मीरजापुर में जिलाधिकारी तहसील चुनार पहुँचकर तहसील का किया निरीक्षण 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 21/05/2025 12:39:22 pm Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद मीरजापुर में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन आज अपने चुनार भ्रमण के दौरान तहसील सभागार में एस.एच.-150 हाइवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण एवं उसके मुआवजे के बारे में प्रभावित किसानों के साथ बैठक कर मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी, किसानों की बातों को सुनते हुए उनका समाधान किया। \

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद मीरजापुर में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन आज अपने चुनार भ्रमण के दौरान तहसील सभागार में एस.एच.-150 हाइवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण एवं उसके मुआवजे के बारे में प्रभावित किसानों के साथ बैठक कर मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी, किसानों की बातों को सुनते हुए उनका समाधान किया। जिलाधिकारी ने बताया कि लालगंज-मड़िहान-अहरौरा को जोड़ने वाले 35 किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग के लिए 12 गांवों के 1914 काश्तकारों का 11.0706 हे. भूमि अधिग्रहण किया जाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भूमि के सर्किल रेट का चार गुना और शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट से दो गुना मुआवजा संबंधित भू-स्वामी को दिया जाएगा। 

जिलाधिकारी ने बताया कि मार्ग निर्माण के दौरान चुनार तहसील क्षेत्र खम्हवा जमती, रामपुर सक्तेशगढ़, कोटिलवा, बलुआ बजाहुर, जंगलमहल, पट्टीकला, मानिकपुर, रामपुर, शेखवा, बैरमपुर सहित कुल 12 गांव की आवश्यकतानुसार भूमि अधिग्रहित कर काश्तकार को उसका मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी काश्तकार को कोई आपत्ति हो तो वह लिखित रूप से दे सकता है, उसका निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमरकांत, अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, उप जिलाधिकारी चुनार राजेश कुमार वर्मा, उपजिलाधिकारी न्यायिक संजीव कुमार यादव, तहसीलदार गरिमा, के अलावा संबंधित काश्तकार उपस्थित रहे।

तहसील चुनार का निरीक्षण किया गया

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने तत्पश्चात तहसील का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, उप जिलामजिस्ट्रेट (न्यायिक) के अलावा तहसीलदार व नायाब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित वादों व निस्तारित वादों की वाद पत्रावली का निरीक्षण कर निस्तारण प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान धारा-116, धारा-24, धारा-24 सहित अन्य वादों के रजिस्टरों व निस्तारणों के बाद पत्रावली पर की गई आदेश का भी परीक्षण किया गया। उन्होंने पैमाइस, वरासत, फाट आदि लंबित मुकदमे के पत्रावलियों को देखा और उसके निस्तारण का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने धारा-116 व धारा-24 को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उप जिलाधिकारी चुनार राजेश वर्मा को निर्देशित किया कि उपरोक्त दोनों वादों के निस्तारण के प्रत्येक दिन नायाब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक के साथ लेखपालों को लगाते हुए अलग-अलग टीम बनाकर मौके पर जाकर जांच कराएं तथा मुकदामों का निस्तारण सुनिश्चित कराएं। 

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में जांच के दौरान लेखपाल के द्वारा गाटा के आस-पास की स्थिति यथा- यदि वहां चकरोड, अन्य सड़क, नाली/नाली आदि है उसका भी उल्लेख अपनी आंखों में करें, कहा कि धारा-34 में निस्तारण के बाद निर्धारित समयसीमा के अंदर खतौनी में दर्ज करा दिया जाए। जिलाधिकारी द्वारा आपदा से संबंधित वितरण व लंबित पत्रावलियों का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि लंबित मामलों का तत्काल आख्या प्राप्त करते हुए समयसीमा के अंदर निस्तारण कराएं, अन्यथा संबंधित पर कार्रवाई भी हो सकती है। इस दौरान कृषक दुर्घटना पत्रावली का भी निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही उन्होंने तहसील परिसर का निरीक्षण किया, तहसील के अन्य का रोड मरम्मत व साथ ही नाली बनवाने के उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया। तहसील में उपजिलाधिकारी कार्यालय, राजस्व निरीक्षक के बैठने के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने गंगा नदी पर स्थित बालूघाट पर कराए जा रहे पक्काघाट के निर्माण कार्य को देखने पहुंची। उन्होंने घाट पर होने वाले निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था यू.पी.पी.सी.एल. व नगर पालिका को आपस में समन्वय स्थापित कर घाट का समानांतर रूप से निर्माण कराने का निर्देश दिया, ताकि घाट तैयार होने के बाद खूबसूरत व उपयोगी दिखाई दे। इसके बाद जिलाधिकारी स्टेशन रोड स्थित राजकीय चीनी पात्र विकास केन्द्र पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने पाटरी सेंटर को संचालित करने के लिए तैयार किए जा रहे भट्टी व शेड के निर्माण को देखा। उन्होंने सेंटर में आगे की ओर दुकान के निर्माण के लिए भी संबंधित कार्यवाई संस्था को सुझाव दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, उपजिलाधिकारी चुनार राजेश वर्मा, उप जिलाधिकारी संजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, प्रोजेक्ट मैनेजर यू.पी.पी.सी.एल. के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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