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उत्तर प्रदेश: गोंडा आरटीओ में बिजली की बर्बादी! खाली हॉल में दिनभर चलते मिले AC-पंखे, व्यवस्था पर उठे सवाल
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: एक तरफ प्रदेश सरकार ऊर्जा बचाने के लिए लोगों से अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ गोंडा आरटीओ कार्यालय में बिजली की खुलेआम बर्बादी हो रही है। आरटीओ चैंबर के ठीक सामने बने मीटिंग हॉल में न कोई बैठक
विस्तार
उत्तर प्रदेश: एक तरफ प्रदेश सरकार ऊर्जा बचाने के लिए लोगों से अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ गोंडा आरटीओ कार्यालय में बिजली की खुलेआम बर्बादी हो रही है। आरटीओ चैंबर के ठीक सामने बने मीटिंग हॉल में न कोई बैठक चल रही है और न ही कोई अधिकारी मौजूद है, फिर भी वहां AC और पंखे दिनभर फुल स्पीड में चल रहे हैं। खाली हॉल, चलता AC: सोमवार को दोपहर 01.16 बजे जब कार्यालय का जायजा लिया गया तो आरटीओ चैंबर के सामने वाला मीटिंग हॉल पूरी तरह खाली मिला। हॉल में न कोई फाइल थी, न कुर्सी पर कोई बैठा था। इसके बावजूद दो स्प्लिट AC और एक सीलिंग फैन चल रहे थे। हॉल के दरवाजे भी खुले थे, जिससे ठंडी हवा बाहर निकल रही थी। कार्यालय के कर्मचारियों से पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सरकार के दावे और हकीकत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कई बार मंच से ऊर्जा बचाने की अपील कर चुके हैं। पावर कॉरपोरेशन भी "एक यूनिट बचाओ" अभियान चला रहा है। सरकारी कार्यालयों में 5 स्टार रेटिंग वाले उपकरण लगाने और दोपहर 1 से 3 बजे तक AC का तापमान 24 डिग्री रखने के निर्देश हैं। लेकिन गोंडा आरटीओ में इन सभी निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। कितनी हो रही बर्बादी अगर 2 टन के दो AC दिन में 6 घंटे भी फालतू चलें तो रोजाना करीब 25-30 यूनिट बिजली बर्बाद होती है। महीने में यह आंकड़ा 750-900 यूनिट पहुंच जाता है। एक यूनिट की औसत कीमत 7 रुपये माने तो हर महीने 6 हजार रुपये से ज्यादा की बिजली यूं ही फूंकी जा रही है। ऊर्जा बचाना क्यों जरूरी: बिजली बनाना आसान नहीं है। एक यूनिट बिजली बनाने में करीब 0.8 किलो कोयला जलता है और 1 किलो CO2 निकलती है। अगर हर सरकारी दफ्तर रोज 30 यूनिट भी बचाए तो साल भर में लाखों टन कोयला और करोड़ों रुपये बच सकते हैं। जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले दफ्तरों में ऐसी लापरवाही सीधे जनता की जेब पर बोझ है। क्या बोले जिम्मेदार:
इस संबंध में जब RTO गोंडा राजेश मौर्या प्रशासन से बात किया गया तो उन्होंने इस पर सफाई दिया परंतु वो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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